बालिकाओ ने स्थापित किया सफलता के नए प्रतिमान..संतीष सिंह ने कहा..अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी..बालिका पढ़ेगी,विकास गढेंगी

धमतरी—अंतर्राष्ट्रीय बालिका  दिवस पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगरी में मनाया गया। संगोष्ठी कार्यक्रम को खण्ड शिक्षा अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने संबोधित किया। उन्होने कहा कि आज बालिकाएं अपने अधिकार को लेकर जागरूर हुई है। सफलता के नए नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। बावजूद इसके अभी बहुत कुछ जाना बाकी है। 
 
            हर साल की तरह नगररी स्थित शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय में  11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। इस दौरान संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम को विकासखंड शिक्षा अधिकारी नगरी सतीश प्रकाश सिंह ने संबोधित किया।
 
        इस दौरान  बीईओ सतीश सिंह ने बालिकाओं को शिक्षा का महत्व पर प्रकाश डाला। उनहोने कहा कि सालों से चली आ रही बाल  विवाह प्रथा,दहेज प्रथा और कन्या भ्रूण हत्या जैसी रुढ़िवादी प्रथाएं पूर्व में काफी प्रचलित हुआ करती थी। आधुनिक युग में बालिकाओं को उनके अधिकार देने और बालिका शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में काफी कुछ सफलता भी मिली है। बालिकाओं ने अधिकारों को पहचाना है। और सफलता के नए नए प्रतिमान भी स्थापित किएं है। लेकि मेरा दावा है कि इस दिशा में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। 
 
              संगोष्ठी को सतीश सिंह ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने 19 दिसंबर, 2011 को प्रस्ताव पारित किया। पूरी दुनिया में 11 अक्टूबर को अन्तर्राष्ट्रीय  अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का फैसला किया गया।  11 अक्टूबर, 2012 को पहली बार अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया  बी.ई.ओ. सिंह ने बालिकाओ को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज सभी बालिकाएं  स्कूल जाने लगी हैं। पढ़ाई पूरी कर अपने कैरियर का निर्माण कर रही है |समाज में बालिका  शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। निश्चित रूप से बड़ा काम हुआ है।
 
        सतीश प्रकाश सिंह ने  अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मनाये जाने के उद्देश्यों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण के बारे में जागरूक किया। शिक्षा के रास्ते पर चलकर  महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नामचीन और ऊँचा मुकाम हासिल करने वाली महिलाओं के आदर्शो को भी पेश किया। साथ ही बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करने को प्रेरित भी किया। उन्होने दुहराया कि बालिका पढ़ेगी तो विकास ही गढेगी।
 
           कार्यक्रम में संस्था की प्राचार्य मीनाक्षी रामटेके, व्याख्याता अनीता सोम, व्याख्याता किरण साहू, संकुल शैक्षिक समन्वयक लोमश प्रसाद साहू, अन्य शिक्षकगण  और छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

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