ईओडब्ल्यू की पकड़ में गोल्डन हीरो बाबू, मेडिकल कॉलेज में हुआ ट्रांसफर

भोपाल।जिस क्लर्क के घर पर बुधवार को ईओडब्ल्यू (EOW) ने छापा मार था,उसमें जांच और खीचेगी। प्रदेश के चिकित्सा विभाग में आयुष्मान भारत योजना और स्वशासी संस्थाओं को काम देखने वाले हिरदाराम नगर में रहने वाले हीरो बाबू केसवानी करोड़पति निकला है, इस बाबू को सस्पेंड कर दिया गया है,सागर के मेडिकल कालेज में अटैच कर दिया गया है।

चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ जितेंन शुक्ला ने बताया कि सस्पेंशन के बाद उसे सागर मेडिकल कॉलेज अटैच किया गया है। उसके घर से ईओडब्ल्यू के छापे में 85 लाख नकदी मिली है। पत्नी के नाम से ज्यादातर प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले है, जिनकी कीमत चार करोड़ से ज्यादा है। पाश इलाके में जमीन के दस्तावेज मिले हैं। केसवानी ने अपनी नौकरी की शुरूआत चार हजार रूपये की पगार से की थी। सातवें वेतनमान के बाद उसका वेतन 50 हजार रूपये हो गया था।

बेटे पर भी गिरेगी गाज
हीरो का एक छोटा बेटा जो सरकारी दफ्तर में काम करता है,वह कुछ बेग लेकर उसी समय से फरार है। ईओडब्ल्यू इस पर भी जांच कर रही है,कि वह किस विभाग मे काम करता है,और उस विभाग के अधिकारी को भी इसकि सूचना दे दी जाएगी या हो सकता है वहां तक जानकारी दे दी गई है। सूत्रों के अनुसार हीरो का छोटा बेटा एक बैग लेकर भागा था,उस बैंग में पैसे हो सकते है ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है।

बैरागढ़ के गोल्डन बाबा
तलाशी टीम जब केसवानी के तीन मंजिल आलीशापन मकान पर पहुंच थी तो सजावट देखकर दंग रह गई थी। हर कमरे में पैनलिंग व वुडवर्क कराया गया था। छत पर आलीशान पेंट हाउस बनाय गया था। यहां पर एक बार भी मिली है,जहां मेहंगे से मेहंगी शराब रखी हुई थी। घर में डॉग बिस्किट के तीन बोरे और करीब तरह तरह के जूते,और 80 के करीब टॉविल मिले है। संत नगर में हीरो बाबू की पहचान गोल्डन बाबा के रूप में भी थी,अपने पूरे शरीर पर सोने के आभूषण पहनने का शैकिन हीरो,गोल्डन बाबू के नाम से पहचाना जाता था,शुरू से ही शातिर दीमाक वाला यह बाबू अब बूरी तरीके से ईओडब्ल्यू के चंगूल में फस गया है। बताया जाता है कि हीरो ने अपने श्तिेदारों को भी लूटने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी।

रजिस्ट्री में जिनके नाम वो भी फसेंगे
हीरो के पास जो रजिस्ट्रियां मिली है और जिन लोगों के नाम उसमे लिखे है,उन पर भी ईओडब्ल्यू नकेल कसेगा।सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने ये मकान इससे किस रेट पर लिए और बेचे इस बारे मे पूछताछ होगी। साथ ही जिन संस्थाओं के पदाधिकारियों के नाम है उनसे भी पूछताछ होगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हीरो केसवानी ईओडब्ल्यू के निशाने पर अचानक से नहीं आया। उसका नाम एक संस्था के जमीन खरीदी की गड़बड़ी में जुड़ा है। हीरो केसवानी अचानक से अधिक जमीन खरीद रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर करीब तीन माह से ईओडब्ल्यू की टीम ने उस पर नजर रख रखी थी। वह अपने कार्यालय में बाइक से जाता था। जब कार से जाना होता तो वह आफिस से दूर कार खड़ी करता था।

उसकी लक्जरी लाइफ की जानकारी उसके आसपास के लोगों को भी थी। वह बढिय़ां तरीके से अंग्रेजी में लोगों से बातचीत करता। महंगे होटलों की पार्टियों में जाना उसे पसंद था। हर पार्टी में उसकी वेशभूषा चर्चा में रहती थी। ईओडब्ल्यू को अभी सोने चांदी जेवरात के बारे में भी पूछताछ करना है। हीरो केसवानी की हालत में सुधार के बाद ही उससे पूछताछ होगी। फिलहाल वह डाक्टरों की निगरानी में है।

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