शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए राज्यों को दो हजार पांच सौ करोड़ की राशि,मंत्री बोले-शिकायत प्राप्त बी.एड. कॉलेज के खिलाफ हुई कार्रवाई

दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि सरकार बी.एड. काॅलेजों में मानकों को पूरा कराने को लेकर प्रतिबद्ध है और मानकों को पूरा करने वाले किसी भी बी.एड काॅलेज को बंद नहीं किया गया है।डॉ. निशंक ने सोमवार को लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि किसी भी बी.एड. कॉलेज को बंद नहीं किया गया। शिक्षा के मानकों को पूरा नहीं करने वाले काॅलेजों के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई की गई है। कुछ बी.एड. कॉलेज के स्तर को लेकर शिकायत मिली थी और जो मानकों पर खरा नहीं उतरा उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।उन्होंने शिक्षकों के प्रशिक्षण पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक स्कूल शिक्षा संस्थान और शिक्षकों के लिए शैक्षिक संस्थान (निष्ठा) योजना की शुरुआत की गई है जिसके तहत देश के सभी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को प्रशिक्षित करने के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू किया गया। निष्ठा दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा। कोरोना महामारी के दौरान 27 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु राज्यों को दो हजार पांच सौ करोड़ की राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में दिव्यांग बच्चों के लिए शीर्ष प्राथमिकता दी गई है और उनके लिए विशेष प्रावधान किया गया है।श्री निशंक ने एक अन्य पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में विकास करने को लेकर मोदी सरकार की विशेष नजर है। इन क्षेत्रों में शिक्षा के व्यापक उन्नयन करने की योजना है। पूर्वोत्तर राज्यों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पूरा किया जाता है।

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