राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ बयां की अपनी केमिस्ट्री, जानिए क्या बोले

विपक्ष शासित सूबों में राज्यपाल की भूमिका को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। सरकारों का आरोप रहा है कि बीजेपी नेता गवर्नर की भूमिका के साथ न्याय नहीं कर रहे। वो पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाते हैं। लेकिन राजस्थान के मामले में ये बात नहीं है। यूपी बीजेपी के दिग्गज नेता रहे कलराज मिश्रा यहां के गवर्नर हैं और सीएम अशोक गहलोत के साथ उनकी बेहतरीन केमिस्ट्री है।

राजभवन में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर मीडिया से बातचीत में कलराज मिश्रा ने कहा कि उनकी कोशिश है कि राजभवन का सीएण से सामंजस्य बना रहे। किसी प्रकार की कठिनाई होती है तो आपसी बातचीत से उसका समाधान निकाल लेते हैं। कलराज मिश्रा ने कहा कि हमारा मिलना होता है। बातचीत होती है, क्योंकि हमारा दायित्व है कि शासन ठीक से चले। आपसी तालमेल बना रहे। संवैधानिक रूप से प्रक्रिया आगे बढ़ती रहे।

उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग अभावों का रोना नहीं रोते। काम करते हैं। एक सवाल के जवाब में राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ उनका अच्छा तालमेल है। उनका कहना था कि राजभवन और सरकार के बीच तालमेल नहीं होगा तो लोगों का ही अहित होगा। इस वजह से वो हमेशा से कोशिश करते हैं कि सरकार से सामंजस्य ठीक रहे।

कुछ राज्यों में राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति से हटाकर केवल विजिटर रखने को लेकर हो रही कवायद पर कलराज मिश्र ने कहा कि राजस्थान में ऐसा कुछ नहीं है। भविष्य में क्या होगा, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में राज्य सरकार के सहयोग से स्टेट यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा।

ध्यान रहे कि बीते तीन सालों के दौरान राजस्थान में राज्यपाल और सीएम अशोक गहलोत के बीच कई बार मनमुटाव की खबरें सामने आई। 2020 के मध्य में जब सचिन पायलट ने बगावत की तो संबंध ज्यादा खराब हुए। कोरोना की पहली लहर के दौरान सचिन पायलट ने कुछ विधायकों को लेकर बगावत की थी।

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