GPF घोटालाः बाबू और स्टेनों समेत आरक्षकों में हलचल..दर्जनों ने मिलकर लूटा सरकारी खजाना …कई पुराने चेहरे शामिल..पढ़ें जालसाजों का नाम

बिलासपुर— पुलिस कप्तान कार्यालय में पेन्शन घोटाला जांच आदेश के बाद खजाना लूटने वालों में हलचल मच गयी है। बताया जा रहा है कि इसमें कई ऐसे नाम भी हैं..जिन्होने रिटायर्ड होने के दौरान बाबू और स्टेनों से मिलकर पेन्शन अपने अनुसार फिक्स करवाया है। घोटाला में कुछ ऐसे नाम भी सामने आए हैं..जिन्होने पहले भी मेडिकल भत्ता समेत यात्रा भत्ता और अन्य भत्ता में गोलमाल किया है। जेल की भी हवा खा चुके हैं।  
                       बिलासपुर पुलिस कप्तान कार्यालय में जीपीएफ घोटाला की जानकारी के बाद रायपुर से लेकर बिलासपुर तक विभाग में हलचल मच गयी है।  गुमनाम पत्र ने घोटालेवालों की नींद हराम कर दिया है। 
                      पत्र के अनुसार प्रधान आरक्षक 88 संजय श्रीवास्तव ने जेल में रहते हुए  जीपीएफ से 12 लाख रूपए निकालने का आवेदन किया। मजेदार बात है कि बाबू ने 16 लाख संजय श्रीवास्तव के खाते में डाला । छानबीन से मिली जानकारी के अनुसार  बीटीआर क्रमांक 4790903 से जिला कोषालय से 16 लाख रूपया निकाला गया है। जबकि इस दौरान संजय श्रीवास्तव इसी तरह के पुराने मामले में जेल में बन्द था। 16 लाख रूपये में आठ लाख रूपया रफीक बाबू ने लिया है। लाभ लेने वालों में आरक्षक कमल पाराशर समेत दो नए आरक्षक भी हैं। 
                        रिटायर्ड अधिकारी रामनारायण यादव, सतीश पाण्डेय, सुनील डेविड और प्रवीर चन्द्र राय का  अधिक पेंशन तैयार कराया गया है।रफीक ने अधिकारियों का ज्यादा वेतनमान बनाकर बढ़ा हुआ फर्जी पेंशन तैयार किया है।
 जेल में रहकर निकाला लाखों रूपए
             जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक संजय श्रीवास्तव का मूल वेतन 21100 है। उसका विभागीय भविष्य निधि में 18 लाख 38 हजार 809 रूपए है। नियमानुसार जीपीएफ से पार्ट फायनल  राशि 6 महीने में का वेतन और जमा राशि में जो भी कम होगा उसी राशि का आहरण किया जाता है।
                             रफीक बाबू से मिली भगत कर आरक्षक 10 चन्दन कुमार मोडलेश्कर ने राजकुमार शर्मा के साथ मिलकर भविष्य निधि का खजाना का लूटा है।
 जालसाजी कर भविष्य निधि को किया खाली
               फर्जीवाड़ा कर भविष्य निधि लूटने वाले कर्मचारियों में आरक्षक 424 अन्तराम, आरक्षक 10 चन्दन मोडलेश्कर, आरक्षक 356 जयनारायण सूर्यवंशी, हेड कान्स्टेबल नुआब तिग्गा, हेड कान्स्टेबल संजय श्रीवास्तव, आरक्षक श्याम सिंह, आरक्षक 243 शैलेष सिंह, हेड कांस्टेबल 95 बर्थोलिन केरकेट्टा समेत अन्य कई नाम है।
                          बताया जा रहा है कि सभी ने मिलकर जालसाजी को अंजाम दिया। लाखों रूपया आहरण कर सरकार का खजाना लूटा। जल्द ही खजाना लूटने वाले कई षड़यंत्रकारी लोगों का चेहरा सामने आने वाले हैं। पुलिस कप्तान ने जांच का आदेश देकर विभाग में हलचल मचा दिया है। लोगों की माने तो खजाना लूटने में मधुशिला, रफीक खान,संजय श्रीवास्तव समेत स्टेनों की भूमिका संदेह के दायरे में है।

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