दादा ने किया फैसला. सगे भाई और चाचा भतीजा में खूनी जंग..बहादुर आरक्षक का सम्मान.फिर ट्रांसफर का तोहफा

बिलासपुर (रियाज़ अशरफी)—ग्राम मोहरा में जमीन विवाद को लेकर भाई,चाचा भतीजा दादा के बीच हुए जानलेवा खूनी खेल में एक नाबालिक समेत मुख्य आरोपी के पिता और बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घायलों का इलाज सिम्स में किया जा रहा है।  जिसमें एक व्यक्ति की हालत बहुत गंभीर है। वहीं आरोपी को पकडने वाले बहादुर आरक्षक को पुलिस कप्तान पारूल माथुर ने सम्मानित किया है।
 
             जानकारी देते चलें कि सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मोहरा निवासी मनहरण साहू और उसके छोटे भाई गौरीशंकर साहू उर्फ दिलहरण साहू के बीच बीती रात खूनी संघर्ष हुआ। दोनो भाई के बीच पिछले 14 महीनों से जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था।
 
            जानकारी के अनुसार मनहरण को पता चला कि पिता चिंताराम ने मकान समेत 5 एकड़ खेत छोटे बेटे गौरी शंकर और उसके दोनों बेटों के नाम चुपके से वसीयत किया। वसीयतल 2 जुलाई 2021को किया गया। बिलासपुर तहसीलदार के न्यायालय में नामांतरण का आवेदन किया। तहसीलदार ने भी 1 माह बाद बिना पक्षकारों को सूचना दिए नामांतरण कर दिया।
 
            मामले में मनहरण ने न्यायालय का शरण लिया। विवाद 14 महीनों तक चला।  गुरुवार की देर रात जमीन को लेकर मनहरण के बड़े बेटे सरोज साहू और चाचा गौरीशंकर के बीच विवाद हो गया।  विवाद बढ़ते देख गौरीशंकर का पिता चिंताराम बेटा कमल साहू, और नाबालिक बेटा हसिया,चाकू,लाठी लेकर सरोज साहू को मारना पीटना शुरू कर दिया।
       
                 बेटे को मार खाता देख मनहरण साहू अपने छोटे बेटे विकास के साथ बीचबचाव करने पहुंचा। इसके बाद मारपीट कर रहे चिंताराम और गौरी शंकर के दोनो बेटों ने मिलकर आरोपियों ने मनहरण और उसके दोनो बेटे कमल और सरोज पर हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
 
        इसी बीच मामले की जानकारी पुलिस डायल 112 के आरक्षक रमेश राठौर तक पहुंची। आरक्षक ड्रायवर के साथ मौके पर पहुंच घायलों को तत्काल सिम्स लाकर भर्ती कराया। इस दौरान मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी किया । लेकिन दो अन्य आरोपी फरार होने में कामयाब रहे। दूसरे दिन सीपत थाना प्रभारी टीआई हरीश टांडेकर ने टीम गठन कर फरार आरोपियों के तलाश कर पकड़ा। टीआई ने मुख्य आरोपी के नाबालिक बेटे बड़ा बेटा कमल साहू और पिता चिंता राम साहू को गिरफ्तार कर धारा 307,323,506 34 भादवी के तहत मामला पंजीबद्ध कर जेल भेज दिया। 
 
घायल मनहरण की स्थिति गंभीर
 
हमले में घायल मनहरण साहू की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। सिम्स में इलाज चल रहा है। आरोपियों ने चेहरे और गाल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर घायल किया है। ज्यादा खून बहने से बेहोश है।
 
बहादुरी के साथ ट्रासंफर का तोहफा
 
         वरिष्ठ पुलिस कप्तान पारूल माथुर ने पुलिस डायल 112 के आरक्षक रमेश राठौर को बहादुरी और सुझबूझ के लिए सम्मानित किया है। पारुल माथुर ने प्रशस्ति पत्र देकर रमेश राठौर की तारीफ की है। सम्मानित होने के बाद कुछ ही घण्टो के अन्दर आरक्षक रमेश राठौर का ट्रांसफर सीपत थाना स्थित मोपका चौकी के लिए कर दिया गया है।

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