रीति नीति से होगी सामुहिक शादी..सभी धर्मों के जोड़े होंगे शामिल..समाजसेवी केडिया ने बताया.कुछ शर्तों का करना होगा पालन..प्रोत्साहन राशि के लिए देना होगा आवेदन

बिलासपुर—-अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के बैनर तले 23 फरवरी को सामुहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आयोजन पूरी तरह से निशुल्क होगा। लेकिन शादी करने वाले जोड़ों को इसके लिए कुछ नियमों और निर्देशों का पालन करना होगा। समाजसेवी विद्या केडिया और हरीश केडिया ने बताया कि जिन जोड़ों को प्रोत्साहन राशि चाहिए उन्हें जिले के समाज कल्याण विभाग में आवेदन करना होगा। सामुहिक विवाह में शामिल होने के इच्छुक जोड़ों का पंजीयन 15 फरवरी से शुरू किया जाएगा। 

                       समाज सेवा के क्षेत्र में हरीश केडिया और विद्या केडिया समेत अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद का नाम बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है। साल भर समय समय पर समाज और जन सेवा को केन्द्र में रखकर परिषद के माध्यम से कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में 23 फरवरी को सीपत रोड कोनी बायपास स्थित मोपका में परिषद के बैनर तले सामुहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा।

                 संस्था के जिम्मेदार सदस्य  समाजसेवी और उद्योगपति हरीश केडिया और विद्या केडिया ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन से उन्हें खुशी मिलती है। कोविड काल के बाद समाज की आर्थिक तस्वीर में बहुत परिवर्तन देखने को मिला है। निश्चित रूप से परिवर्तन असर चारो तरफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण चेतना परिषद ने अपनी जिम्मेदारियों को महसूस करते हुए प्रदेश स्तरीय सामुहिक विवाद कार्यक्रम आयोजन का फैसला लिया है।

            केडिया ने बताया कि सामुहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने वालों के लिए  संस्था ने कुछ नियम निर्देश निश्चित किए हैं। युवक की आयु 21 साल और युवती की 18 साल की उम्र होना जरूरी है। लेकिन जोड़ों की अधिकतम आयु 45 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। आयु सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेज को जांचा परखा जाएगा। शादी करने वाले जोड़ो में कम से कम एक का दिव्यांग होना जरूरी है। 

             शादी का जोड़ा किसी भी धर्म या जाति का हो सकता है। उसी अनुसार जोड़ा का विवाह कराया जाएगा। दोनो पक्षों से दस-दस शादी में शामिल हो सकेंगे। हरीश केडिया ने बताया कि शादी के बाद प्रत्येक नव विवाहित जोड़ों को गृहस्थी का सामान भी निशुल्क दिया जाएगा। पंजीयन के समय तलाकशुदा, परित्यक्ता, न्यायालयीन अपराधिक प्रकरणों और सजायाफ्ता की स्थिति को स्पष्ट करना होगा। 

              केडिया ने बताया कि जोड़ों का पंजीयन 15 फरवरी 2023 से शुरू होकिया जाएगा। 23 फरवरी को शादी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। विवाह कार्यक्रम के बाद जोड़ों के बीच सरकार की तरफ से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। यदि कोई जोड़ा विवाह प्रोत्साहन राशि की उम्मीद रखता है तो उसे समाज कल्याण विभाग में आवेदन करना होगा।

                     विद्या केडिया के अनुसार शादी के लिए पंजीकृत प्रत्यके जोड़ों को किसी भी सूरत में 22 फरवरी 2022 की सुबह विवाहस्थल पर समय से पहले पहुंचना होगा। शादी कार्यक्रम में हल्दी,मेहंदी, संगीत संध्या और आशीर्वाद समारोह का भी आयोजन विधि विधान से करना होगा।

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