शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक..हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश..अंतिम आदेश का करें इंतजार

बिलासपुर—सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर पदोन्नति मामले में वरिष्ठता की गणना को लेकर उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को याचिका के माध्यम से बताया कि शासन ने पदोन्नति मे प्रथम नियुक्ति की वजाय स्थानांतरण तिथि से पदान्नति देने का फैसला किया है। जबकि ऐसा किया जाना विधि के खिलाफ है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर कहा है कि याचिका पर अंतिम निर्णय पदोन्नति प्रक्रिया पर बाध्यकारी रहेगा।
 
                  याचिकाकर्ता के वकील निशांत भानुशाली और अमृतांश शुक्ला ने हाईकोर्ट को बताया कि साल  2005 में कौस्तुभ पांडे की भर्ती शिक्षा कर्मी वर्ग 3 जनपद पंचायत पाली, जिला कोरबा पंचायत विभाग में हुई थी। साल 2007 में कोस्तुभ पाण्डेय का स्थानांतरण जनपद पंचायत मुंगेली, जिला बिलासपुर हुआ। 1 जून 2018 को याचिकाकर्ता का संविलियन पंचायत से शिक्षा विभाग में हो गया।
 
              1 जनवरी 2022 को सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर पदन्नोति के लिए अंतिम वरिष्ठता सूची जारी की गयी। शासन ने प्रमोशन में वरिष्ठता की गणना स्थानांतरण की तिथि से निर्धारित किया। 
 
            मामले में याचिकाकर्ता कौस्तुभ पांडे ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया। भानुशाली और शुक्ला ने बताया कि याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने सहायक शिक्षक से शिक्षक के पदों पर हो रही पदोन्नति को याचिका के अंतिम आदेश से बाधित रखने का अंतरिम आदेश जारी किया है।

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