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Home Loan EMI: ब्याज के तौर पर अदा करने वाली रकम को कम करने का तरीका

Home Loan EMI ,Home Loan EMI Reduction: होम लोन चुकाना काफी समय तक चलने वाली जिम्मेदारी है। ये बेसक आपको अपने सपनों का घर पाने में सहायता कर सकता है। लेकिन इसका रीपेमेंट ब्याज की रकम के तौर पर महंगा पड़ता है। एक ही घर खरीदार के रूप में अपने मंथली होम लोन के पेमेंट को बनाए रखना आर्थिक रूप से थका देता है।

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Home Loan EMI,Home Loan EMI Reduction। होम लोन की EMI रेगुलर चुकानी होती है। इसके एक्स्ट्रा लोन का ब्याज घटक आपके फाइनेंशियल बोझ को और भी बढ़ा सकता है। लेकिन यदि आपते पास एक ठोक स्कीम है, तो रीपेमेंट में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। आप चाहें तो होम लोन की EMI को क कर सकते हैं। यानि कि ब्याज के तौर पर अदा करने वाली रकम को कम कर सकते हैं। इसेक लिए कुछ पहल करने पर सहायत प्राप्त हो सकती है।

Home Loan EMI,Home Loan EMI Reduction। अगर आप अपने होम लोन पर ब्याज का पेमेंट कम करना चाहते हैं तो आपको लोन की रकम का प्री-पेमेंट करने पर विचार करना चाहिए। प्री-पेमेंट रकम मूल रकम कम करता है और ब्याज में कमी आती है। ऐसा करने से पहले ये जरूर मालूम करें कि आपका बैंक या फिर होम लोन प्रोवाइडर प्रीपेमेंट के लिए कोई जुर्माना या शुल्क तो नहीं लेते हैं। खासकर यदि ब्याज दर तय है तो फ्लोटिंग रेट के मामले में कोई भी प्री-क्लोजर शुल्क नहीं लगाया जाता है।

लॉन्ग टर्म के लिए चुनें लोन

लॉन्ग टर्म वाले होम लोन के लिए बैंकों के द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर काफी ज्यादा होती है। ऐसे में यदि आपको फाइनेंशियल स्थिति इसकी परमीशन देता है, तो कम अवधि का होम लोन चुनने में ही समझदारी है इससे कम ब्याज दरों के साथ में रीपमेंट के प्रोसेस तेज होगा।

अगर आपकी वित्तीय स्थिति ठीक है तो हर साल अपनी मंथली किस्त यानि कि EMI को 5 फीसदी बढ़ाने या फिर एक साल में एक से ज्यादा ईएमआई अदा करने पर विचार कर सकते हैं। ICICI डायरेक्टर के अनुसार, इससे आपको चुकाएं जाने वाले ब्याज की रकम में काफी कमी आएगी।

इससे पहले एक बात जिसपर आपको ध्यान देना चाहिए कि आपकी फाइनेंशियल आवश्यताओं का अनुमान लगाएं, फिर होम लोन EMI का कैलकुलेशन करें। इसके साथ में सैलरी ग्रोथ या फिर सालाना बोनस के मामले में आप कितनी एक्स्ट्राा किस्तें दे सकते हैं। ये रकम भले ही छोटी हो, ये आपके लोन अवधि पर काफी प्रभाव डालती हैं।

बाजार में होम लोन की ब्याज दर पर हमेशा नजर रखें, इसको जानने का प्रयास कर सकते हैं कि क्या बैंक कम ब्याज पेश कर रहे हैं। इससे आपको रिफाइनेंस या फिर होम लोन बैलेंस ट्रांसफर का ऑप्शन चुनने में सहाया मिल सकती है।

ये ब्याज के बोझ को कम करता है। इस प्रोसेस में पुराने बैंक से कम दर पर बकाया मूल रकम को नए बैंक को ट्रांसफर करना है। ये ब्याज पर सेविंग करने और बाकी चीजों को मैनेज कर अपनी सेविंग का उपयोग करने का एक आसान और प्रभावी तरीका है।

जब आप घर खरीदेत हैं तो आमतौर पर ये जरूरी हो जाता है कि आप कुल खरीद मूल्य का कम से कम 20 फीसदी डाउनपेमेंट करें। यदि आप होम लोन ले रहे हैं तो ये प्रयास करें कि आप ज्यादा से ज्यादा रकम डाउन पेमेंट करें। इससे लोन की रकम कम हो सकती है, जो कि आपको कम ब्याज दर प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। ये आखिर आपके होम लोन के तेजी से रीपेमेंट की सुविधा प्रदान करेगा।

                   

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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