मूल वेतन पर मिलेगा HRA-पुनर्नियुक्त सेवानिवृत्त कार्मिकों को मूल वेतन पर मिलेगा HRA

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के युवाओं के हितों में अनेक अहम फैसले लिए गए हैं।मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1966 में संशोधन करते हुए सेवानिवृत्त कार्मिकों के हित में अहम फैसला किया है। अब सेवानिवृत्त कर्मचारी जिनकी पे-माइनस पेंशन के आधार पर पुनर्नियुक्ति की जाती है, उनको अब मकान किराया भत्ता (एचआरए) सेवानिवृत्ति की दिनांक को उनके द्वारा प्राप्त किए गए अंतिम मूल वेतन पर देय होगा। साथ ही उन्हें चिकित्सा सुविधा आरजीएचएस (RGHS) के अंतर्गत देय होगी। इनमें जहां ईडब्ल्यूएस की आयु सीमा छूट के प्रावधानों में 4 सेवा नियमों को जोड़कर राजकीय नियुक्तियों के रास्ते खोले गए है। वहीं, पंचायती राज एलडीसी भर्ती-2013 के 4000 पदों को भरने की कार्यवाही आगे बढ़ाकर और शिथिलन देकर राजकीय नियुक्ति का इंतजार कर रहे युवाओं को सौगात दी है। मंत्रिमंडल ने राजस्थान सोशल एंड परफार्मेंस ऑडिट अथॉरिटी के गठन, शहीद रक्षा कार्मिकों के आश्रितों के नवीन नियुक्ति नियम जारी करने, राजस्थान हस्तशिल्प नीति-2022 जारी करने, पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन को Operation and Maintenance Model के अंतर्गत संचालित करने, राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड लर्निंग को कंपनी अधिनियम में स्थापित करने, भरतपुर मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. श्री जगन्नाथ पहाड़िया के नाम पर करने तथा विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन सहित कई अहम निर्णय लिए गए हैं।

मंत्रिमंडल ने कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 के क्रम में 4000 अभ्यर्थियों को नियमित नियुक्ति देने का बड़ा निर्णय लिया हैै। जिला परिषदांे द्वारा राजस्थान पंचायती राज के प्रावधानों के अनुसार भर्ती आयोजित की गई थी। वर्ष 2017 में बंद भर्ती प्रक्रिया को अब फिर से शुरू किया जा रहा है। अब 2013 की वरीयता सूची के अनुसार प्रतीक्षा सूची जारी की जाएगी। पदों को भरने की कार्यवाही के लिए प्रक्रिया निर्धारित करने एवं वांछित शिथिलन के प्रस्ताव का अनुमोदन बैठक में किया गया है। 

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