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IAS- पहले अटेंप्ट में 1 नंबर से फेल और दूसरे से पहले भाई को खोया, ऐसी है IAS बनने की कहानी

आईएएस अर्पित गुप्ता की सलाह है कि किसी भी सब्जेक्ट को कवर करने के लिए सबसे पहले उसका

IAS: आईएएस अफसर बनने के लिए कैंडिडेट्स को अलग अलग तरह की संघर्ष करने पड़ते हैं. आज हम एक ऐसे ही संघर्ष की कहानी बताने जा रहे हैं. यह कहानी है अर्पित गुप्ता की. अर्पित गुप्ता 2021 बैच के आईएएस अफसर हैं. अर्पित ने यह मुकाम महज 24 साल की उम्र में हासिल कर लिया है. अर्पित यूपी के गोरखपुर के रहने वाले हैं.

पढ़ाई की बात करें तो अर्पित ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा गोरखपुर के जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल से पूरी की है. इसके बाद अर्पित ने ग्रेजुएशन के लिए मेहनत की और आईआईटी रुड़की में एडमिशन ले लिया. वहां से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की. ग्रेजुएशन के तुरंत बाद उन्होंने फाइनेंशियल मार्केट एनालिस्ट की नौकरी करना शुरू कर दिया लेकिन यह नौकरी उन्होंने केवल 3 महीने में ही छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी करनी शुरू कर दी.

अर्पित ने पहले अटेंप्ट में यूपीएससी प्री क्लियर कर लिया और मेंस दिया. मेंस से ठीक पहले उन्हें चिकन पॉक्स हो गया और वह महज 1 नंबर से चूक गए. इसके बाद जब वह दूसरे अटेंप्ट की तैयारी कर रहे थे तो उनके चचेरे भाई की मौत हो गई. साल 2021 में जब उन्होंने अपना दूसरा अटेंप्ट दिया तो उनको सफलता मिल गई और ऑल इंडिया रैंक 54 हासिल की.

यूपीएससी में अर्पित का ऑप्शनल सब्जेक्ट मैथमेटिक्स था और उन्होंने कोचिंग करने की जगह सेल्फ स्टडी पर फोकस किया. अर्पित का मानना है कि अगर आपको पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है तो छोटा सा ब्रेक लें और उस ब्रेक में वो काम करें जो आपको सबसे ज्यादा पसंद हों, क्योंकि जब तक फोकस नहीं होगा तब तक पढ़ाई भी नहीं हो पाएगी.

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आईएएस अर्पित गुप्ता की सलाह है कि किसी भी सब्जेक्ट को कवर करने के लिए सबसे पहले उसका बेसिक क्लियर करें. बेसिक किताबें पढ़ें. जब किताब पढ़ें तो उसमें जरूरी चीजों को हाइललाइट करते रहें. इससे रिवीजन करने में आसानी होगी. पुराने पेपर्स को देखें और उसी पैर्टन को ध्यान में रखकर पढ़ाई करें. अखबार जरूर पढ़ें.

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