छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना लागू होना एक नए युग की शुरुआत- राजेश चटर्जी

कर्मचारियों के खून-पसीने की कमाई की जमापूंजी ओ पी एस में सुरक्षित- विनोद गुप्ता

जशपुर नगर । छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी,जशपुर जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता एवं महामंत्री संजीव शर्मा , कोषाध्यक्ष अवनीश पांडेय , उपाध्यक्ष सरीन राज, एलन साहू का कहना है कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करने क़े लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा से कर्मचारियों को न्याय मिला है। इससे कर्मचारी एवं उसके परिवार का आर्थिक स्थिति भविष्य में सुखद तथा सुरक्षित होगा। छत्तीसगढ़ में एन.पी.एस के कर्मचारी-अधिकारियों को 18 वर्ष पुराने अभिशाप से मुक्ति मिल गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बंद कर नवीन पेंशन योजना लागू किया था। छत्तीसगढ़ राज्य में समस्त स्थाई/अस्थायी नियमित कर्मचारी, आकस्मिकता एवं कार्यभारित सेवा के अस्थायी/स्थाई कर्मचारियों के लिये नवीन अंशदायी पेंशन योजना 1 नवंबर 2004 से प्रभावशील हुई थी । राज्य शासन के अनुदान प्राप्त स्वशासी संस्थाओं/विश्वविद्यालयों/निगामों/मण्डलों/सार्वजनिक उपक्रमों/विकास प्राधिकरणों/नगरीय निकायों में 1अप्रैल 2012 अथवा इसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए अंशदायी पेंशन प्रणाली लागू किया गया था।कर्मचारी हित विरोधी नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की घोषणा कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब तक का सबसे बड़ा और अतुलनीय न्याय किया है।
उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना(OPS) में रिटायर्ड कर्मचारियों को सरकारी कोष से पेंशन का भुगतान किये जाने का प्रावधान है। लेकिन नया पेंशन योजना(NPS) शेयर बाजार पर आधारित होने के कारण इसका भुगतान बाजार पर निर्भर करता है। जिसके कारण NPS का देशव्यापी विरोध हो रहा है। OPS में कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने पर निश्चित पेंशन और ग्रेच्यूटी का प्रावधान है।जोकि सेवा के वर्षों के आधार पर निश्चित है।सेवाकाल के दौरान मृत्यु के स्थिति में निश्चित पारिवारिक पेंशन और ग्रेच्यूटी का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना के कर्मचारियों के लिए सामान्य भविष्य निधि (GPF) की सुविधा है।इसमें जमा राशि को आवश्यकता अनुसार बतौर एडवांस और पार्ट फाइनल द्वारा निकाला जा सकता है। सेवानिवृत्ति के समय जमा राशि ब्याज सहित बिना टैक्स के भुगतान होता है। जबकि नया पेंशन योजना में यह सुविधा नही है | एन.पी.एस के अंतर्गत कर्मचारी द्वारा वेतन से 10 % धनराशि कटौती तथा सरकार द्वारा 10 % अंशदान प्रतिमाह नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) में जमा किया जाता है। सेवानिवृत होने पर कर्मचारी कुल जमा राशि का सिर्फ 60 % ही निकाल सकता है | लेकिन शेष 40 % धनराशि से कर्मचारी को इंश्योरेंस कम्पनी का एन्यूटी प्लान खरीदना होता है | इस इन्श्योरेंस प्लान पर प्रतिमाह मिलने वाला ब्याज कर्मचारी को पेंशन के रूप में प्राप्त होता है | इसमें इस बात की कोई गारंटी नही होती है कि कर्मचारी को पेंशन के रूप में प्रतिमाह कितनी धनराशि मिलेगा |
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में ओ.पी.एस लागू होने से निश्चित पेंशन-ग्रेच्यूटी और सुरक्षित सामान्य भविष्य निधि कटौती और निकासी सुनिश्चित होता है। पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत सेवाकाल 10 वर्ष से कम होने के स्थिति में केवल अनुपातिक ग्रेच्यूटी मिलेगा। सेवाकाल 10 वर्ष से अधिक होने पर अनुपातिक पेंशन तथा ग्रेच्यूटी मिलेगा। सेवाकाल 33 वर्ष पूर्ण होने की स्थिति में पूर्ण पेंशन तथा ग्रेच्यूटी मिलेगा। ओ पी एस में शासकीय सेवक का समस्त सेवालाभ मिलेगा। जोकि नई पेंशन योजना में नहीं है। उन्होंने बताया कि पेंशन गणना में केवल मूलवेतन तथा ग्रेच्यूटी की गणना मूलवेतन एवं महँगाई भत्ता के योग पर होता है। उन्होंने पेंशन की गणना के लिए सरल तरीका बताया कि सेवानिवृत्ति के समय मूलवेतन गुणा सेवाकाल के वर्षों का कुल 6 माह की संख्या से प्राप्त राशि को 132 से भाग से प्राप्त राशि पेंशन होगा। ग्रेच्यूटी के गणना में मूलवेतन एवं महँगाई भत्ता का योग का गुणा सेवाकाल के वर्षों का कुल 6 माही की संख्या से प्राप्त राशि को 66 से भाग से प्राप्त राशि ग्रेच्यूटी होगा।

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