डिप्टी सीएम की मुश्किलें बढ़ीं, इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी केस में किया बड़ा खुलासा

मुंबई।आयकर विभाग (आईटी) ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के परिवार से जुड़ा बड़ा खुलासा किया है। विभाग ने पवार के परिवार से जुड़ी 2 रियल एस्टेट फर्मों की बेहिसाब आय का पता लगाया है।आईटी ने शुक्रवार को कहा कि 7 अक्टूबर को अपनी तलाशी के दौरान उसने मुंबई के 2 रियल एस्टेट समूहों की 184 करोड़ रुपए की बेहिसाब आय का पता लगाया। ये महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के परिवार से जुड़ी है।

कर प्राधिकरण ने पवार या उनके परिजनों का नाम लिए बिना कहा कि विभाग ने मुंबई, पुणे, बारामती, गोवा और जयपुर में लगभग 70 परिसरों में छापेमारी के दौरान जमा किए गए सबूतों से कई बेहिसाब और बेनामी लेनदेन का खुलासा किया है।टैक्स एजेंसी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि 2 समूहों की लगभग 184 करोड़ रुपए की बेहिसाब आय के सबूत देने वाले दस्तावेज मिले हैं।

7 अक्टूबर को, टैक्स एजेंसी ने एक फर्म की तलाशी ली थी, जिसमें अजित पवार के बेटे पार्थ निदेशक थे। इसके अलावा पवार की बहनों के स्वामित्व वाली कुछ फर्में, पवार से जुड़ी दो रियल एस्टेट फर्म और राज्यभर में 4 चीनी मिलों के निदेशकों से जुड़ी जानकारी भी हासिल की गई।

बता दें कि तलाशी के दिन अजित पवार ने कहा था कि उन्हें अपने खिलाफ तलाशी से कोई समस्या नहीं है लेकिन वह इस बात से परेशान हैं कि उनकी बहनों को इसमें घसीटा गया है। उन्होंने कहा था कि हम हर साल कर का भुगतान करते हैं। चूंकि मैं वित्त मंत्री हूं, इसलिए मुझे राजकोषीय अनुशासन की जानकारी है। मुझसे जुड़ी सभी संस्थाओं ने करों का भुगतान किया है।

उन्होंने कहा था कि मैं परेशान इसलिए हूं क्योंकि मेरी बहनों, जिनकी शादी 35 से 40 साल पहले हुई थी, उन पर छापेमारी की गई है। अगर अजित पवार के रिश्तेदारों के तौर पर उन पर छापा मारा गया था, तो लोगों को इसके बारे में सोचना चाहिए कि किस तरह से एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर विभाग यह कहने के लिए आज बेहतर स्थिति में है कि क्या तलाशी का कोई राजनीतिक एंगल भी था।

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