भारतीय किसान संघ ने भेजा राष्ट्रपति को पत्र..कहा फसलों का करें लागत मूल्य पर भुगतान..धीरेन्द्र ने बताया..युवाओं में किसानी को लेकर दिखेगा जोश

बिलासपुर— भारतीय किसान संघ जिला ईकाई अध्यक्ष की अगुवाई में किसानों ने राष्ट्रपति को निवेदन पत्र लिखकर किसानों के उत्पाद को लागत मूल्य के आधार पर फसल की कीमत निर्धारित किये जाने की मांग की है। किसान नेता धीरेन्द्र दुबे ने बताया कि भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी ने गहन मंथन के बाद फैसला किया है कि तीन कृषि सुधार अध्यादेशों में 5 संशोधन के बाद लागू किया जाए।
 
                     किसान नेता धीरेन्द्र दुबे ने बताया कि सितंबर 2020 में भारतीय किसान संघ ने देशभर में 20,000 ग्राम सभाओं के बाद एक प्रस्ताव प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री, भारत सरकार को दिया गया था। प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर किसानों ने संघ के बैनर तले कोविड़ नियमो को ध्यान रखते हुए 8 सितंबर 2021 को एक ही दिन में देशभर के 513 जिला केन्द्रों पर धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन में लाखों किसानों ने भाग लिया। इसके बाद एक बार फिर किसानों ने प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री के नाम मांग पत्र दिया। इस बीच तथाकथित किसान आंदोलन के नाम प्रधानमंत्री ने तीनों कानून वापिस लिया। घोषणा से देशभर का लघु  और सीमांत किसान स्तब्ध हो गया। साथ ही किसानों की आशाओं को गहरा धक्का भी लगा।
 
                   धीरेन्द्र दुबे ने बताया कि किसानों को उपज का मूल्य नही मिलने के कारण किसान गरीब औेर कर्जदार होता जा रहा है। यद्यपि सरकार अपने ढंग से कई प्रकार की मदद करती है। बावजूद इसके योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से नही होने के कारण किसान की दशा में सुधार नही हो पा रहा है। परेशान किसान की मांग है कि फसल का मूल्य, लागत और लाभ जोड़कर भुगतान की व्यवस्था किया जाए। कानूनी प्रावधान करते हुए क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रस्तुत की जाये।  तब बेरोजगारी की वर्तमान स्थिति में  ना केवल सुधार होगा। बल्कि  अधिक से अधिक नौजवान, खेती-किसानी से भी जुड़ेंगे। 
 
                       किसान नेता के अनुसार भारत का किसान अपने राष्ट्रीय दायित्व को भी भली-भांति समझता है। खासकर भारतीय किसान संघ शांतिपूर्ण, अहिंसक और  राष्ट्रहित को केन्द्र में रखकर काम करता है।  इसी क्रम में  चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण में 1 से 10 जनवरी 2022 तक देशभर के लगभग 1 लाख गांवों में जन-जागरण अभियान चलाया गया। किसान संघ के नेताओं ने छोटी-छोटी ग्राम सभाओं के माध्यम से किसानों को जागरूक किया है। 11 जनवरी 2022 को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्य तिथि पर सभी तहसीलों/ ब्लॉक केन्द्रों पर धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों ने राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र दिया है।
 
               राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को दिए गए पत्र में सभी किसानों ने निवेदन किया है कि वर्तमान सरकार हमारी इस वाजिब मांग को स्वीकार करे। जिस प्रकार देश की अर्थव्यवस्था समेत सभी क्षेत्रों में सरकार ने गति को नई दिशा दिया है। हमें पूरा विश्वास है कि लागत मूल्य को आधार बनाकर लाभ के साथ फसलों का भुगतान से किसानों की सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
 
                              धीरेन्द्र ने बताया कि बिलासपुर जिले के सभी 9 तहसील, उपतहसील में किसान संघ के पदाधिकारियों समेत किसानों ने तीसरे चरण के आंदोलन में हिस्सा लिया।

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