उद्योगपतियों ने बताया..फिर उद्योग चलाना मुश्किल ..उत्पादन ही नहीं..रोजगार भी होगा प्रभावित..फिर निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल से क्या कहा..पढ़ें खबर

 
बिलासपुर— बिजली आपूर्ति की समस्या खत्म होने का नाम ले रही है। जिले के उद्योगपतियों ने तिफरा स्थित सीएसपीडीसीएल कार्यालय पहुंचकर कार्यपालक निदेशक से लिखित शिकायत कर परेशानियों को साझा किया है। मुलाकात के दौरान उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने से उद्योगजगत को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि सब कुछ ऐसा ही चलता रहा तो उद्योग चलाना मुश्किल हो जाएगा। में आने वाली परेशानियों को साझा किया।कार्यपालक निदेशक संजय पटेल को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। 
                           छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ अध्यक्ष हरीश केडिया की अगुवाई में उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधिमंडल ने तिफरा स्थित सीएसपीडीसीएल कार्यपालक निदेशक  से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने लिखित में कार्यपालक निदेशक संजय पटेल से बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या से अवगत कराया। 
                   प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तिफरा, सिरगिट्टी और सिलपहरी औद्योगित क्षेत्र में सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। जिसका असर उत्पादन के साथ  व्यापार पर पढ़ रहा है। उद्योगपतियों को भारी  आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति नहीं होने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। जम्पर,ब्रेकर, फीडर में खराबी आम बात हो गयी है। जानकारी है कि बिजली विभाग स्टाफ के पास संसाधनों में सुधार करने वाले सामानों की भी कमी है।
                      बातचीत के दौरान कार्यपालक निदेशक से उद्योगपतियों ने बताया कि जैसा की मालूम है कि छत्तीसगढ को विद्युत सरप्लस स्टेट कहा जाता है। लेकिन लगातार बिजली आपूुर्ति नहीं होने के कारण लगता है कि छत्तीसगढ़ अब विद्युत शार्टेज स्टेट हो गया है।
             तिफरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थिति अत्यंत दयनीय है। लगातार ट्रीपिंग होती रहती है। कारण पूछने पर बताया जाता है कि 32 KVA. का रिफ्लेक्शन है। उद्योगपतियों ने बताया कि विभाग से जिस तरह का जवाब मिल रहा है उससे जाहिर होता है कि  भविष्य में व्यवस्था में सुधार मुश्किल है। कमोबेश यही स्थिति सिरगिट्टी और सिलपहरी औद्योगिक क्षेत्र की है। यहां भी हमेशा डर बना रहता है कि कभी भी बिजली कट सकती  है। 
                  प्रतिनिधिमंडल में शामिल शरद सक्सेना, सुनील मार्दा, जितेन्द्र गांधी, धर्मेन्द्र पटेल ने कार्यपालक निदेशक को अवगत कराया कि तिफरा, सिरगिट्टी और सिलपहरी औद्योगिक प्रक्षेत्र में 500 से ज्यादा एमएसएमई  सेक्टर के उद्योग काम कर रहे हैं। इन उद्योंगों से से 1000 करोड रूपये से ज्यादा का उत्पादन  होता है। करोड़ों रूपये का आयकर और  जीएसटी भी जमा किया जाता है।
                                     इसके अलावा उद्योगों से 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष  और 20,000 से अधिक अप्रत्यक्ष श्रमिकों का परिवार जुड़ा है। खराव विद्युत व्यवस्था से शासकीय राजस्व और श्रमिकों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। लगातार उत्पादन करने वाले लघु उद्योगों का बहुत बुरा हाल है। उत्पादन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। यदि स्थिति में सुधार नहीं किया जाता है तो उद्योग चलाना मुश्किल हो जाएगा।
समस्या का अतिशीघ्र निराकरण
                मामले में सीएसपी़डीसीएल कार्यपालक निदेशक संजय पटेल ने कहा कि उद्योगपतियों की समस्या और शिकायत को तत्काल दूर किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उद्योगपतियों की समस्या को गंभीरता से लिया जाए। तत्काल समस्या का निराकरण किया जाए। उम्मीद है कि अब इस प्रकार परेशानियों का सामना उद्योगपतियों को नहीं करना पड़ेगा। 

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