अन्तर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश.. आरोपियों ने दिया..कई राज्यों में मंसूबों को अंजाम..MBBS में प्रवेश दिलाने…3 लोगों से बिलासपुर में 82 लाख की ठगी

बिलासपुर—- बिलासपुर पुलिस ने तीन आरोपियों की धर पकड़ अन्तर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए तीनों आरोपी एमबीबीएस में प्रवेश के नाम पर कई लोगों को चपत लगा चुके है। मामले में तीनों के खिलाफ पीड़ित तरूण साहू ने बिलासपुर पुलिस से शिकायत की थी। तीनों आरोपियों ने बिलासपुर में तीन लोगों को उनके बच्चों को मेडिकल में प्रवेश दिलाने के नाम पर 85 लाख रूपयों की ठगी की है।

               मामले में खुलासा करते हुए एडिश्नल एसपी उमेश कश्यप ने बताया कि कोनी निवासी तरूण साहू ने कोनी थाना पहुंचकर मेडिकल प्रवेश के नाम पर ठगी का शिकार होना बताया। अपनी शिकायत में तरूण  साहू ने जानकारी दी कि आरोपियों ने तीन अलग अलग लोगों से कुल 82 लाख रूपयों का चपत लगाया है।

मेडिकल प्रवेश दिलाने के नाम 82 लाख रूपयों की ठगी

           पुलिस को अपनी लिखित शिकायत में तरूण साहू ने बताया कि अपनी बेटी का सरस्वती मेडिकल कालेज हापुड़ में प्रवेश कराने गया था। इसी दौरान तीनो आरोपी सम्पर्क में आए। तीनों ने बताया कि उनकी बेटी का प्रवेश सेन्ट्रल कोटे में करवा सकता हूं। इसके लिए रूपए देने होंगे। इसके बाद उन्होने आरोपियों के खाते में 35 लाख रूपए जमा किए। इसके अलावा भागवत साहू ने 15 लाख और दीपक वर्मा ने 10 लाख रूपए यानि तीनों ने आरोपी दीपक चटर्जी के खाते में 82 लाख रूपए जमा किए। लेकिन उनके बच्चों का प्रवेश एमबीबीएस नहीं हुआ। और अब आरोपियों से संवाद भी खत्म हो गयी।

टीम बनाकर दिल्ली रवाना

             मामले की जानकारी के बाद पुलिस कप्तान ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक टीम का गठन किया। नोडल अधिकारी सीएसपी निमेश बरैया को बनाया गया। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद कलीम की अगुवाई में टीम को दिल्ली रवाना किया गया।

दिल्ली उत्तरप्रदेश और मुम्बई में रेकी

                        दिल्ली पहुंचने के बाद टीम के सदस्यों  ने दिल्ली समेत उत्तरप्रदेश के विभिन्न शहरो के अलावा मुम्बई में भी जांच पड़ताल की। इस दौरान टीम ने स्थानीय वेषभुषा में रहकर आरोपियों के पता ठिकाने की तलाश की। इसके बाद टीम ने आपरेशन को अंजाम दिया। 

                  संयुक्त टीम ने दिल्ली,बरेली गाजियाबाद दिलशाद नगर में आरोपियों का ठिकाना तलाशा। इसके अलावा मुम्बई में स्थानीय टीम के सहयोग से आरोपियों की घेराबन्दी की गयी। इस दौरान पुलिस को तीन आरोपियो को पकड़ने में सफलता मिली।

पकड़े गए आरोपियों के नाम

            एडिश्नल एसपी ने जानकारी दी कि पकड़े गए आरोपियों में दीपक चटर्जी पिता स्वर्गीय विश्वनाथ चटर्जी की उम्र 31  साल है। आरोपी दिलशादनगर दिल्ली का रहने वाला है। दूसरा आरोपी डॉ.जियाउल हक रहमानी पिता डॉ.अजीजुर रहमानी उम्र 33 साल इंदरापुरम गाजियाबाद में रहता है। जबकि तीसरा आरोपी प्रभुदीप सिंह उर्फ अरविन्द सिंह पिता बृजपाल सिंह शक्तिनगर पीलीभीत का निवासी है। 

रसूख और रहन सहन के दम पर शिकार

                उमेश कश्यप ने बताया कि तीनों आरोपियों ने हिरासत में लिए जाने के बाद तरूण साहू, दीपक वर्मा और भागवत साहू से ठगी किए जाने की बात को कबूल किया है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि खुद को शैक्षणिक सलाहकार बताने के साथ हाई प्रोफाइल लिविंग स्टेण्टर्ड को जाहिर कर लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करते हैं। ऊंची पहुचकर बताकर लोगों को शिकार करते हैं।इसके बाद पीड़ितों से भारी भरकम रकम अपने खाते में मंगवा लेते हैं। 

पांच मोबाइल और पांच लाख रूपए जब्त

            पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास 5 नग मोबाइल के अलावा पांच लाख रूपये जब्त किये है। आरोपियों ने कई राज्यो में लोगों को एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि अब कई राज्यों में सैकड़ों लोगों का शिकार कर चुके है। रूपए मिलने के बाद करीब 150 से अधिक लोगों की मोबाइल को ब्लाक कर दिए हैं ।

अन्य राज्यों की पुलिस से सम्पर्क

                 उमेश कश्यप ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद बिलालपुर पुलिस अन्य राज्यों में आरोपियों के शिकार से सम्पर्क किया जा रहा है। राज्यों की पुलिस को जानकारी दी जा रही है।

 कार्रवाई में शामिल जवानों और अधिकारियों के नाम

                आरोपियों की धरपकड़ के दौरान संयुक्त कार्रवाई में उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी के अलावा सहायक उप निरीक्षक अवधेश सिंह, आरक्षक बलबीर सिंह, दीपक उपाध्याय, नवीन एक्का, विकास यादव, धर्मेन्द्र साहू और दिल्ली,उत्तरप्रदेश समेत महाराष्ट्र की पुलिस का विशेष योगदान रहा।

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