सहायक शिक्षकों का शिक्षा अधिकारी बनने का रास्ता हुआ साफ?इस जिले से हुई शुरुआत -पढ़िए पूरी खबर

सरगुजा(सीजीवाल )एक बड़ी खबर सामने आई है कि छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक को प्रभारी सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण का हवाला देकर जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर के एल महिलांगे ने विगत दिवस जारी आदेश के अंतर्गत गौसुल आजम सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला को कार्य व्यवस्था के तहत प्रभारी सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी बना दिया है।जारी हुए इस आदेश के पीछे बताया जा रहा है कि मामले में बलरामपुर जिला कलेक्टर कुंदन कुमार का अनुमोदन लिया गया है जबकि प्रस्ताव स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती पदोन्नति सेवा नियम 2019 के प्रावधान के अंतर्गत राजपत्र में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख है कि सहायक शिक्षक का कार्य प्राथमिक स्कूल में कक्षा पांचवी तक अध्यापन कराना है।

छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में एबीईओ के पद को द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारी प्राचार्य प्रवर्ग वर्ग 2 की वरीयता का बताया गया है …! स्पष्ट है कि जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर नियमों को ताक में रखकर उपकृत करने के उद्देश्य से नियम विपरीत कलेक्टर से अनुमोदन कराकर लोक सेवा आयोग से भरे जाने वाले पद की गरिमा का अवमूल्यन किया है।

इस मामले में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संचनालय सरगुजा के संयुक्त संचालक श्री एक्का ने सीजीवाल को बातचीत में बताया कि शिक्षकों को किसी भी कार्यालय में अटैच करने के लिए डीपीआई के द्वारा मनाही की गई है। कार्य व्यवस्था के दृष्टिकोण से किसी भी आदेश को जारी करने के पूर्व पद की गरिमा एवं राजपत्र में जारी स्कूल शिक्षा नियम 2019 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सहायक शिक्षक को प्रभारी सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी बनाने जाने को लेकर शिक्षक नेता अश्वनी कुर्रे ने खुशी जाहिर करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि यह एक नई शुरुआत है।

सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी प्रदेश संघ के प्रादेशिक सचिव असगर खान ने अपने बयान में कहा कि एबीईओ का पद द्वितीय श्रेणी का है जिस पर पीएससी के माध्यम से सीधी भर्ती की जाती है ।पद की गरिमा के अनुसार ही प्रशासनिक आवश्यकता पर उच्च अधिकारियों को दायित्व देना चाहिए ।डीईओ महिलांगे द्वारा जारी आदेश निंदनीय है।

बलरामपुर कलेक्टर कुंदन कुमार के संज्ञान में मामले को संज्ञान में लेते हुए आदेश की प्रति मंगवाई है उन्होंने नियमानुसार समीक्षा की जाने की बात कही है।

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