Income Tax Return: इस बार इनकम टैक्स फाइल करते वक्त याद रखें ये चार बातें, नहीं होगा नुकसान

दिल्ली।आयकर विभाग हर साल इनकम टैक्स फाइलिंग के नियमों में कुछ बदलाव करता है. जिन लोगों को टैक्स फाइल करनी है, उन्हें इन सभी बदलावों के बारे में अच्छी तरह पता होना चाहिए ताकि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने में कोई दिक्कत न आए. आयकर विभाग ने इस साल के लिए आईटीआर फॉर्म की अधिसूचना जारी कर दी है और इसे भरने की अंतिम तारीख 30 सितंबर निर्धारित है.तारीख भले ही अभी दूर हो, लेकिन यह काम जितनी जल्दी हो सके, कर लेना चाहिए. इससे आपका टैक्स रिफंड जल्द आएगा और कोई गलती होने पर सुधारने का ज्यादा वक्त मिलेगा. आईटीआर फाइल करने से पहले अगर 4 बातों का खयाल रखें तो आगे चलकर कोई परेशानी नहीं होगी.

सबसे पहले तो हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि सरकार ने टैक्स सिस्टम को लगभग नया कर दिया है. इसी के मुताबिक अब नया पोर्टल भी बना है जहां आप आसानी से आईटीआर फाइल कर सकते हैं. अभी हाल में नए पोर्टल को बंद किया गया है. 7 जून से नया पोर्टल शुरू हुआ है और इसके पहले 1 से 6 जून तक पुराना पोर्टल बंद था. इस दौरान टैक्स फाइलिंग के काम रोक दिए गए थे.

नया हो गया है टैक्स सिस्टम

पिछले साल के बजट में सरकार ने नए टैक्स सिस्टम का ऐलान किया था. वित्तीय वर्ष 2021 से टैक्स भरने वाले व्यक्ति के पास दो टैक्स फाइलिंग की सुविधाएं हैं. इसमें नया और पुराना दो सिस्टम है. नए सिस्टम में लोअर स्लैब रेट पर टैक्स फाइलिंक कर सकते हैं, लेकिन टैक्सपेयर को छूट की सुविधाएं नहीं मिलेंगी जो पुराने सिस्टम में मिलती थीं. इसका ध्यान रखते हुए टैक्सपेयर को फाइलिंग से पहले ही तय कर लेना चाहिए कि नए या पुराने सिस्टम से फाइलिंग करनी है. जो लोक योजनाबद्ध तरीके निवेश नहीं करते या जो लोग किसी खर्च पर टैक्स डिडक्शन क्लेम नहीं करते, वे पुराने सिस्टम को अख्तियार कर सकते हैं. अगर आपकी टैक्स लायबिलिटी कम है, तो नए सिस्टम का चयन कर सकते हैं.

सबसे जरूरी है कि बिजनेस करने वाले लोग टैक्स फाइलिंग से पहले ही तय कर लें कि किस सिस्टम में आगे बढ़ना है. बिजनेस क्लास के लोग एक बार टैक्स फाइल कर दें तो उसमें सुधार की गुंजाइश कम होती है. सैलरी क्लास के लोगों को यह छूट रहती है कि वे टैक्स फाइलिंग में बाद में सुधार कर लें. इसलिए टैक्स फाइलिंग से पहले अपना पूरा हिसाब लगा लें कि नया सिस्टम ठीक रहेगा या पुराना. जब समझ में आ जाए तो उसी सिस्टम में टैक्स फाइल करें.

तारीख बढ़ी लेकिन राहत नहीं मिलेगी

इनकम टैक्स फाइलिंग की तारीख 30 सितंबर कर दी गई है. यह तारीख पहले से बढ़ गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको टैक्स छूट या टैक्स में किसी तरह की राहत मिलेगी. अगर आपका एडवांस टैक्स बाकी रह गया है, तो जुर्माने के साथ उसे चुकाना होगा. इसलिए अच्छा रहेगा कि टैक्स चुका दें और जल्द आईटीआर फाइल कर दें. सीबीडीटी ने सेक्शन 234ए के तहत कुछ छूट दी है, लेकिन यह उन लोगों के लिए है जिनकी सेल्फ एसेसमेंट टैक्स लायबिलिटी 1 लाख रुपये से अधिक नही हो.

अगर आप इस श्रेणी में आते हैं तो छूट की उम्मीद कर सकते हैं. अन्यथा आपको टैक्स चुका देना चाहिए. 234ए के तहत आईटीआर फाइलिंग में देर करते हैं तो हर महीने 1 फीसद के हिसाब से ब्याज लगता है. अगर टैक्सपेयर ने एडवांस टैक्स नहीं चुकाया है, या कुल टैक्स देनदारी का 90 फीसद ही चुकाया गया तो सेक्शन 234बी के तहत ब्याज लगेगा. सीनियर सिटीजन को अगर बिजनेस इनकम नहीं है तो उन्हें एडवांस टैक्स से अलग रखा गया है.

टैक्स फॉर्म में बदलाव

बिजनेस समाचार पत्र मिंट के मुताबिक, अगर टैक्स विभाग आयकर फॉर्म में कोई बदलाव करता है तो इसे अधिसूचित करना होता है. यह इसलिए किया जाता है ताकि लोग अपने हिसाब से सही टैक्स फॉर्म का चयन कर सकें. इस साल आईटीआर 1 फॉर्म की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में कुछ बदलाव किया गया है जो सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए है. इस साल यह फॉर्म वैसे लोग नहीं भर पाएंगे जिनका सेक्शन 194एन के अंतर्गत कैश विड्रॉल के लिए टीडीएस कटा है. जिन लोगों ने कंपनी की ओर से मिलने वाले इंप्लॉई स्टॉक ऑप्शन पर टैक्स नहीं दिया है, वे भी इस बार फॉर्म नहीं भर पाएंगे.

निवेश का प्रूफ न देने पर टैक्स कटौती

आपने अगर निवेश का प्रूफ जमा नहीं कराया, अपनी कंपनी को लाइफ इंश्योरेंस या हेल्थ इंश्योरेंस का कागजात जमा नहीं कराए और टैस् कट जाए तो परेशान होने की बात नहीं. आप इसे आईटीआर फाइल करते वक्त क्लेम कर सकते हैं. आपने जो टैक्स चुकाया है, उसे रिफंड कराने के लिए क्लेम कर सकते हैं. इस बार आपको टैक्स फाइलिंग से पहले कई तरह की सूचनाएं मिल जाएंगी. जैसे ब्याज से होने वाली कमाई, डिविडेंड, शेयर और म्यूचुअल फंड पर कैपिटल गेन आदि.

आपको कागजात के साथ इसे वेरिफाई करना होगा. इसलिए अच्छा होगा कि आईटीआर फाइल करने चलें तो फॉर्म 16, 26एएस और बैंक स्टेटमेंट को साथ रख लें. जो लोग आईटीआर फाइल करने जा रहे हैं, उन्हें 15 जुलाई तक इंतजार करना चाहिए क्योंकि इसी तारीख के आसपास टीसीएस और टीडीएस की जानकारी 26एएस फॉर्म में अपडेट होगी. टीडीएस और टीसीएस की फाइलिंग करने की तारीख 30 जून निर्धारित है.

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