कोदो कुटकी और संतुलित आहार..डॉ.खादर वली बताएंगे मिलेट की खासियत..निरोगी होने का टिप्स

बिलासपुर—तेज भागती जिन्दगी में खान पीन का अपना अलग महत्व है। संतुलित आहार ही जीवन को संतुलित बनाकर रखता। संतुलित आहार का मतलब प्रोटीन विटामी,कार्बोहाइड्रेट,वसा, मिनरल से है। जब यह सब कुछ संतुलित मात्रा में भोजन में होता है तो शरीर का निरोगी होना निश्चित है। भोजन मैें किसी भी तत्व की कमी का मतलब रोग को निरमंत्रण देना है। भागती जिन्दगी में लोगों का स्वाद बदला है। और शरीर के प्रति लापरवाही बढ़ी है। आहार में संतुलन नहीं होने के कारण शरीर रोग का केन्द्र बन गया। इन्ही तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए पांच जून को लखीराम आडिटोरियम में आहार से आरोग्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में विश्व के नामचीन चिकित्सक आहार विशेषज्ञ डॉ.खादर वली लोगों को संबोधित करेंगे। जीवन में आहार की मात्रा और जरूरतों को लेकर अपने अनुभवों और रिसर्च को बिलासपुरवासियों के सामने पेश करेंगे।
     
               एल्डरमैन शैलेन्द्र जायसवाल ने बताया कि कार्यक्रम में  बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव वर्चुअल मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम शाम पांच बजे से शुरू होकर 9 बजे तक चलेंगा। कार्यक्रम की अध्यक्षा नगर विधायक शैलेष पाण्डेय करेंगे। वशिष्ट अतिथि अपोलो के गैस्ट्रोलाजिस्ट डॉ. देवेन्दर सिंह होगे। इसके अलावा डॉ.रमन कटारिया, मेघना शुक्ला, डॉ.गंगा रेड्डी की विशेष उपस्थिति रहेगी। 
       
                शैलेन्द्र जायसवाल ने बताया कि “आहार से आरोग्य” को डॉ.खादर वली संबोधित करेंगे। उस दौरान डॉ.वली जीवन में संतुलित खान पान के महत्व पर प्रकाश डालेंगे। डॉ.वली को दुनिया में मिलेट मैन ऑफ इण्डिया के नाम से जाना जाता है। मिलेट और संतुलित आहार को लेकर डॉ.वली के शोध को दुनिया ने लोहा माना है। उनका मानना है कि हम संतुलित खाद्य के चक्कर में कब अंसतुलित खान पीन के शिकार हो जाते हैं पता भी नहीं चलता है। जबकि पौष्टिक खान पान को लेकर बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत भी नहीं रहती है। बावजूद इसके लोग कुछ भी खाते हैं और कुछ भी अनाप शनाप खरीदी कर तन और धन से परेशान होते है। 
 
            डॉ.वली के अनुसार भोजन में चावल – गेंहू को कम करके या हटा कर मिलेट यानि  श्रीधान्य का ज्यादा से ज्यादा लेकिन संतुलित मात्रा में उपयोग किया जाना जरूरी होता है। ऐसे भोजन से अनेक बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। रोग कभी फटकता भी नहीं है। 
 
                           एल्डरमैन ने बताया कि खादर अली की शिक्षा अमेरिका में हुई है। उन्होने संतुलित भोजन पर बहुत अध्ययन किया है। देश दुनिया मे उनके परामर्श को गंभीरता से लिया जाता है। डॉ.खाकर मूल रूप से भारत के केरल राज्य से हैं। विश्व में मिलेट मैन आफ इण्डिया के नाम से विख्यात डॉ.वली के अनुसार पौष्टिक और संतुलित आहार ही सब रोग की दवा है। इसे दुनिया अच्छी तरह से समझ चुकी है। भारत को भी समझना होगा। डॉ.खादर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को श्रीधान्य यानि मिलेट की विषेताओ के बारे में बताएंगे। श्रीधान्य से रोग मुक्त, स्वस्थ और ऊर्जावान रहने का टिप्स भी देंगे।

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