विष्णुदेव साय बोले-सरकारी व निजी जमीनों पर नजर गड़ाए हुए हैं भू-माफिया,शहीद परिवार की जमीन को भी नहीं छोड़ा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कोरबा में एक आदिवासी महिला की जमीन पर वहां के एक मंत्री के तरफ से व्यक्तिगत की गई कार्रवाई कई सवालों को जन्म देता है कि आखिरकार ऐसी कौन सी परिस्थितियां निर्मित हो गई थी कि पूरे प्रशासन को उस वनवासी महिला के घर को ढहाने के लिए जाना पड़ा? उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में भू-माफिया सक्रिय है और प्रशासनिक दबाव में इस तरह की कार्रवाई भू-माफियाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है जिसके कारण प्रदेश में हालात भयावह बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब वनवासी महिला का जब उस जमीन पर मालिकाना हक है तो एकतरफा कार्रवाई क्यों की जा रही है? और इस मामले में न्यायालय में मामला लंबित हो तो एकतरफा कार्रवाई करके प्रशासन प्रदेश के एक मंत्री को प्रसन्न करने व उनके हित को साधने में लगी हुई है। इससे पूर्व भी प्रदेश कांग्रेस सरकार के एक मंत्री पर वनवासी समाज के जमीन के मामले पर कोर्ट के आदेश पर प्रथम सूचना प्रतिवेदन दर्ज करने का निर्देश हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के एक मंत्री के पुत्र पर भी संरक्षित जनजाति के लोगों की जमीन को गलत तरीके से खरीदने का मामला सामने आया था लेकिन इन सबके बाद भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौनता कई सवालों को जन्म देता है कि आखिरकार दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि प्रदेश में ऐसे कई उदाहरण है जहां भू-माफिया का आतंक सर चढ़ कर बोल रहा है। कार्रवाई के नाम पर भू-माफियाओं के खिलाफ कुछ भी नहीं हो रहा है और प्रदेश सरकार की मौन समर्थन ने आम लोगों को अपने जमीन से ही बेखदल करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं ने शहीद के परिवार को भी नहीं छोड़ा सरसीवां की एक शहीद परिवार की जमीन को ही भू-माफियाओं ने अपने कब्जे में करने की कोशिश की है। अब पूरे परिवार को अपनी जमीन वापस दिलाने पुलिस की शरण में जाना पड़ा है। इस मामले में भी पुलिस की असंवेदनशीलता ने यह उजागर कर दिया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस शहीद परिवार के साथ भी नही है। उन्होंने कहा कि सरसीवां के थाना प्रभारी अपनी व्यस्तता को बताते हुए बाद में कार्रवाई की बात कर रहें है।

जिस पर आला अधिकारियों को हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए और उनकी सुरक्षा की भी चिंता की जानी चाहिए। इस तरह से प्रदेश में चिटफंड कंपनियों के कुर्की जमीन को भी सस्ते दर पर अपने लोगों को बेचने का काम सरकार कर रही है। इससे स्पष्ट है कि पूरे प्रदेश में प्रदेश सरकार के समर्थन से भू-माफिया संरक्षित हैं और इस तरह से आम लोगों को प्रताड़ित कर निजी जमीनों को कब्जा करने में लगे हैं।

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