स्वीटजरलैंड के ज्यूरिख शहर के जोयल राबिन ने जशपुर का पारंपरिक व्यंजन धुसका और चिला का स्वाद चखा

जशपुरनगर /जशपुर जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए अब विदेशी पर्यटक भी जशपुर पहुंचने लगे है यहां की सुंदर वादियां हरे भरे पेड़ पौधे दूरस्थ अंचल में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों और बिरहोर परिवार आदिवासी जीवन शैली रहन सहन लोक संस्कृति को नजदीक से जानने की इच्छा सहज ही पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

पत्थलगांव विकास खंड ग्राम खजरीढाब के रहने वाले युवा और यूट्यूब वीडियो बनाने वाले दीपक आपट ने बताया कि वे हमेशा अपने यू ट्यूब चौनल के माध्यम से जशपुर की आदिवासी संस्कृति रहन सहन, लोक कला संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, जशपुर के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन देशदेखा, खुडियारानी, कैलाश गुफा, सोगड़ा चाय बगान, दनगरी, राजपुरी, दमेरा और अन्य पर्यटन स्थल का यूट्यूब के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं।

इस बार विदेशी पर्यटक में स्वीटजरलैंड के ज्यूरिख शहर के जोयल राबिन जशपुर जिले के प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होकर जशपुर पहुंचे। उन्होंने जशपुर के जनजीवन रहन सहन जीवन शैली से काफी प्रभावित हुए साथ ही जशपुर का पारंपरिक व्यंजन धुसका, चीला का भी स्वाद चखा। जोयल राबिन ने बताया कि जशपुर बहुत ही सुन्दर जिला है यहां के लोग सीधे सादे और सरल है। दीपक ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर पर्यटन क्षेत्र में काम करने की इच्छा जाहिर की।

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