दूध के बाद अब इतने रुपये महंगा हुआ आपका LPG रसोई गैस सिलेंडर,फटाफट चेक करें नई कीमतें

दिल्ली।बढ़ती महंगाई के इस दौर में आम आदमी को एक और बड़ा झटका लगा है. आज (01 जुलाई 2021) से रसोई गैस की कीमतों में इजाफा हो गया है. सरकारी तेल कंपनियों ने घर में इस्‍तेमाल होने वाली एलपीजी सिलेंडरों के दाम में 25.50 रुपये बढ़ा दिया है. इसके साथ ही राजधानी दिल्‍ली में एलपीजी सिलेंडर का भाव 834.50 रुपये हो गया है. इसके अलावा अब आज से कोलकाता में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर का भाव 861 रुपये, मुबई 834.5 और कोलकात में 850 रुपये पर पहुंच गया है.

इसके पहले जून महीने के दौरान 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था. तेल कंपनियों ने अप्रैल महीने में 14.2 किलोग्राम रसोई गैस की कीमतों में 10 रुपये की कटौती की थी. मई में इसकी कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ था. हालांकि, 19.2 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडरों की कीमत में 123 रुपये का इजाफा हुआ था.

क्यों महंगा हुआ रसोई सिलेंडर

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलिम उत्पादों के दाम तेजी से बढ़ रहे है. भारत अपनी जरुरत का 80 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. ये कीमतें बाजार से जुड़ी हैं. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम में वृद्धि होने पर घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ जाते हैं.

इस साल कब-कब बढ़ी कीमतें

इस साल जनवरी महीने में राजधानी दिल्‍ली में एलपीजी सिलेंडर का दाम 694 रुपये था, जिसे फरवरी में बढ़ाकर 719 रुपये प्रति सिलेंडर तक कर दिया गया था. 15 फरवरी को कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया है, जिसके बाद यह 769 रुपये पर पहुंच गया. इसके बाद 25 फरवरी को एलपीजी सिलेंडरों के दाम में एक बार फिर इजाफा, जिसके बाद कीमतें 794 रुपये तक पहुंच गई. मार्च की बढ़ोतरी के के बाद कीमतें 819 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गई थी.

कैसे तय होते हैं रसोई गैस सिलेंडर के दाम

औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दर और विदेशी मुद्रा के एक्सचेंज रेट के हिसाब से एलपीजी सिलेंडर के दाम तय होते हैं. इसी वजह से LPG सिलेंडर की सब्सिडी की रकम में भी हर महीने बदलाव होता है.

जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव बढ़ते हैं तो सरकार अधिक सब्सिडी देती है और जब दरें नीचे आती हैं तो सब्सिडी में कटौती की जाती है. टैक्स नियमों के अनुसार रसोई गैस पर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की गणना ईंधन के बाजार मूल्य पर ही तय की जाती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *