निगम पर संकट सोमवार–समीक्षा बैठक पर कुर्की आदेश की छाया…मैनहार्ट को रोकने अधिकारियों की टीम तैनात

VIKAS BHAWANबिलासपुर— आज नगर निगम के लिए संकट सोमवार है। विकास भवन में आज निकाय मंत्री अमर अग्रवाल अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे हैं। मैनहार्ट कम्पनी का वकील कभी भी निगम सम्पत्ति को कुर्क करने पहुंच सकता है। निगम कर्मचारियों का हाथ पांव भी फूल  गया है। हर संभव कोशिश की जा रही है कि मैनहार्ट कम्पनी की कुर्की कार्रवाई को किसी तरह बैठक तक टाल कर रखा जाए। मैनहर्ट को रोकने निगम कर्मचारियों की एक टीम विकास भवन के सामने तैनात है। टीम के लोग कुर्की करने वालों को समझाने के प्रयास करेंगे कि मामला कोर्ट में है आदेश आने तक उन्हें इंतजार करना होगा।

                           आज निगम अधिकारियों की दोहरी परीक्षा हो रही है। विकास भवन में निकाय मंत्री संभागीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा में व्यस्त हैं। दूसरी तरफ मेनहार्ट कम्पनी भी कोर्ट आदेश के बाद निगम सम्पत्ति को जब्त करने पहुंचने वाली है। निगम अधिकारियों का एक दल विकास भवन के सामने मेनहर्ट कम्पनी को रोकने के लिए सुबह से ही तैनात है।

                                            मालूम हो कि मैनहार्ट कम्पनी ने निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में दो करोड़ 80 लाख रूपए का बिल भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद निगम को कम्पनी के पक्ष में दो करोड़ 80 भुगतान करने का आदेश दिया। भुगतान नहीं होने की सूरत में निगम सम्पत्ति को कुर्क करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट से हार के बाद निगम अधिकारी कमर्शिययल कोर्ट गए। मेनहर्ट कम्पनी ने भी जिला सत्र न्यायालय में हाईकोर्ट के आदेश को पालन करने आवेदन लगाया। कमर्शियल कोर्ट ने निगम की दलील को ठुकरा दिया। इसके बाद जिला सत्र न्यायालय के न्यायाधीश तिगाला ने चार पांच दिन पहले निगम की सम्पत्ति को कुर्क करने का आदेश भी जारी कर दिया।

                          तीन चार दिन पहले मैनाहर्ट कम्पनी का वकील आदेश लेकर निगम कार्यालय पहुंचा। आदेश को देखते ही निगम अधिकारी समेत मेयर सभापति कुर्की से बचने अपनी गाड़ियों को लेकर फरार हो गए। इसके बाद निगम ने आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में स्टे याचिका के लिए आवेदन किया। हाईकोर्ट ने याचिका को विचार के लिए सुरक्षित रखा है। छुट्टी के बाद दो एक दिन में याचिका पर सुनवाई होने वाली है। इसी बीच आज निगम कर्मचारियों को जानकारी मिली कि मैनहार्ट कम्पनी याचिका स्वीकार होने के पहले ही सम्पत्ति को कुर्क करने आ रही है। खबर सुनते ही निगम अधिकारियों का हाथ पैर फूल गये। क्योंकि निकाय मंत्री अमर अग्रवाल विकास भवन में ही संभागीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यो की समीक्षा कर रहे हैं।

                     मुसीबत को टालने निगम अधिकारी ऐड़ी चोटी की मेहनत कर रहे हैं। निगम ने मैनहार्ट कम्पनी को रोकने दबंग अधिकारियों की टीम को विकास भवन के बाहर तैनात कर दिया है। अधिकारियों का प्रयास है कि मामले की जानकारी निकाय मंत्री के कानों तक ना पहुंचे। देखने वाली बात होगी कि जीत किसकी होती है। निगम अधिकारियों की या मैनहर्ट कम्पनी की। फिलहाल मैनहर्ट कम्पनी का भी हौसला बुलंद है। जबकि निगम अधिकारी मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। कई अधिकारियों ने तो अपनी कार को भी छिपा दिया है। देखने वाली बात होगी कि क्या जब निकाय मंत्री समीक्षा बैठक ले रहे हैं…उसी समय मैनहार्ट कम्पनी संपत्ति को सील कर पाने में सफल होती है।

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