ACB के निशाने पर बिलासपुर के कई अधिकारी .फाइलों से हटने लगी धूल.?कई चेहरे होंगे बेनकाब

बिलासपुर—-रायपुर में वरिष्ठ आईपीएस के कई ठिकानों पर छापामार कार्रवाई में एसीबी की बड़ी सफलता मिली है। दस करोड़ से अधिक की संपत्ति के खुलासा के बाद टाप टू बाटम भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों में हलचल मच गयी है। कार्रवाई के एक सप्ताह बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों की सांसे अभी अटकी हुई हैं। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार बिलासपुर की एसीबी की टीम कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। बस रायपुर से हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार एसीबी टीम सालों से पड़ी लम्बित फाइलों का धूल साफ कर रही है। कभी भी फाइल खोलने के साथ बिलासपुर में धमाका हो सकता है।

                   वरिष्ठ आईपीएस जीपी सिंह के ठिकानों पर एसीबी की कार्रवाई के बाद आईएएस,आपीएस समेत प्रदेश के अन्य चर्चित और बदनाम अधिकारियों के बीच जमकर हलचल है। खासकर ऐसे अधिकारी जिनकी कुण्डली एसबीबी दफ्तर में मौजूद हैं..उनकी रात की नींद और दिन चैन गायब है। सूत्रों की माने तो यदि कुछ दिनों, महीनों के भीतर बिलासपुर में भी एसीबी की कार्रवाई देखने को मिल सकती है। खबर के बाद खासकर बदनाम तथाकथित ईमानदार कर्मचारी और अधिकारियों की सांसे तेज हो गयी हैं। 

            जानकारी के अनुसार एसीबी के पास कुछ खास विभागों से कुछ खास अधिकारी और कर्मचारी की फाइल सालों से धूल खा रही है। जीपी सिंह पर कार्रवाई के बाद अब फाइलों की धूल को साफ कर लिया गया है। बस फाइलों का अब खुलने का इंतजार है।

                सूत्र ने बताया कि बिलासपुर में राजस्व विभाग से सर्वाधिक नाम एसीबी के पास है। इसके अलावा शिक्षा विभाग, पीडब्लूडी, सहकारिता के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थानों पर कार्रवाई हो सकती है। इसमें आबकारी, जलसंसाधन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कुण्डली भी शामिल है।

               सूत्र के अनुसार पिछले कुछ सालों से एसीबी की नजर राजस्व विभाग पर केन्द्रित है। कई अधिकारी और पटवारियों पर विभाग के आला अधिकारियों की लगातार रैकी की जा रही है। सम्बधित कर्मचारियों के नम्बर को सर्विलांस पर रखा गया है। इसके अलावा भी अन्य कई माध्यमों से चिन्हित अधिकारियों की खबर एकत्रित की जा रही है।

                             कई पटवारियों और कुछ बाबुओं समेत राजस्व के कुछ अधिकारियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। सूत्र ने बताया कि इसमें कई लोगों की फाइल को किन्ही न किन्ही कारणों से रोका गया। जिसके चलते भ्रष्ट अधिकारियों के ठिकानों पर धावा नहीं बोला जा सका है। बताया जा रहा है कि जीपी सिंह मामले की आग बुझने के साथ ही कभी भी किसी पर एसीबी की छापामार कार्रवाई हो सकती है। बहरहाल कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि सबसे पहले किस विभाग के कर्मचारी का नाम सुर्खियों में रहता है।

                    

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