शहीद कर्नल विप्लव- अनुजा के परिजनों ने कहा.. गर्व होता है शहीद का माता पिता होना..7 साल के नन्हें अबीर का दादा दादी होना अलग ही अहसास है

 
बिलासपुर— मणिपुर में ड्यूटी के दौरान छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी, पत्नी अनुजा विप्लव त्रिपाठी और देश के सबसे कम उम्र के शहीद अबीर त्रिपाठी को दोनो परिवार के सदस्यों ने नम् आंखों से याद किया। अनुजा और विप्लव के परिजनों ने बताया कि उन्हें शहीद का माता पिता होने पर गर्व है। हमें  देश के सबसे नन्हे शहीद अबीर त्रिपाठी पर अभिमान है। बेशक आज तीनों हमारे बीच में नहीं है। लेकिन पूरा देशभारत माता के तीनों महान सपूतों को याद कर रहा है। यह बातें अनुषा और विप्लव त्रिपाठी के माता पिता ने अनुजा त्रिपाठी के जन्मदिन पर आयोजित भण्डारा कार्यक्रम के दौरान कही। 
 
                बसंत बिहार राजकिशोर नगर स्थित माता शारदा मंदिर में गरीबों के बीच अनुषा और कैप्टन विप्लव त्रिपाठी के परिजनों ने अनुजा त्रिपाठी के जन्मदिन पर विशेष भण्डारा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान दोनों परिवार के परिजनों ने अनुजा, कैप्टन विप्लव और देश के सबसे नन्हें लेकिन सबसे बड़े शहीद अबीर त्रिपाठी की शहादत को याद किया। 
 
          शहीद अनुजा और शहीद विप्लव के माता पिता ने बताया कि हमें अपने बेटे और बेटी पर गर्व है। परिजनों ने बताया कि शायद ही देश में ऐसा उदाहरण मिले कि एक परिवार के सभी सदस्य देश के नाम पर एक साथ शहीद हुए हों। इसमें इतिहास का सबसे नन्हा शहीद भी शामिल हैं। विप्लब त्रिपाठी ने हमेशा अपनी सक्रियता से ड्यूटी के दौरान लोगों को नशे से दूर रहने का अभियान चलाया। आतंकी सगढ़न ने पूरे परिवार को एक साथ गोली का निशाना बनाया। यह सच है कि हमने अपना बेटा, बेटी समेत नाती को हमेशा के लिए खो दिया। लेकिन तीनों ने देश में हमारा मान सम्मान बढ़ाया है। शहीद के माता पिता ने बताया कि सेना का एक एक जवान और उसका परिवार भारता माता की संतान हैं। तीनों बच्चों ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से इमानदारी के साथ भारत माता की सेवा कर छत्तीसगढ़ बिलासपुर और रायगढ़ का नाम रोशन किया है। 
 
           11 मई को अनुजा विप्लव त्रिपाठी का जन्मदिन है। हमने तीनो शहीदों के योगदान को जन जन तक पहुंचाने को लेकर हर साल सार्वजनिक रूप से जन्मदिन मनाने का फैसला किया है। हमने यह भी फैसला किया है कि इस दौरान गरीबों के बीच भण्डारा का आयोजन करेंगे।
 
           विप्लव की माता पिता ने बताया अनुजा बहूु से कहीं अधिक हमारी अच्छी बेटी थी। अनुजा समेत विप्लव और अबीर की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। शासन प्रशासन से मांग है कि अनुजा के नाम से मंगला चौक स्थित सड़क का नामकरण अनुजा मार्ग किया जाए। ताकि लोग जनता शहीदों के देश के लिए किए गए योगदान को हमेशा याद रखें। 
    
                     परिजनों ने बताया कि आज भी हमें वह दिन याद है जब  टीवी और शुभचिन्तकों से जानकारी मिली कि विप्लव, अनुजा और नन्हा अबीर देश को बलिदान हो गए है। 13 नवंबर 2021 को मणिपुर में सेना के काफिले पर आतंकवादियों ने छिपकर हमला किया। कायराना हमले में कर्नल विप्लव त्रिपाठी समानुदेशक (सीओ) 46 असम राईफल्स, पत्नी अनुजा त्रिपाठी और सात वर्ष का पुत्र अबीर त्रिपाठी समेत ,चार जवान राष्ट्र को समर्पित हो गए।
 
           भारतीय सैन्य इतिहास में  ऐसी पहली घटना है जिसमें पति-पत्नी और सात वर्ष के मासूम  ने एक साथ प्राणोत्सर्ग किया। घात लगाकर किये  कायराना हरकत का विप्लव और शहीद जवानों पुरजोर जवाब दिया। अदम्य साहस और सैन्योचित पराक्रम का श्रेष्ठतम प्रदर्शन कर कर्नल विप्लव त्रिपाठी ने इतिहास रच दिया। 

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