दर्रीघाट में खूनी संघर्ष..आदिवासी परिवार सिम्स में भर्ती…जमीन माफिया के खिलाफ होगी कार्रवाई..एसपी का आश्वासन

बिलासपुर– दर्री घाट में 9 और 10 दिसम्बर की दरमियानी रात्रि जमीन माफिया के गुंड़ों ने आदिवासी परिवार के घर धावा बोल दिया। दोनो पक्षों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। कब्जा हटाने के लिए जमीन माफिया के गुंडों ने तलवार,राड,हाकी और अन्य धारदार हथियार से अमर सिंह ध्रुव को बुरी तरह से जख्मी कर दिया। जानलेवा संघर्ष में अमर सिंह ध्रुव का बेटा अजय सिंह ध्रुव को भी गंभीर चोट पहुंची है। गुंडों ने परिवार के महिला सदस्यों पर भी जानलेवा हमला किया है। घटना की जानकारी मिलते ही मस्तूरी पुलिस मौके पर पहुंच गयी। सभी को सिम्स में दाखिल कराया गया है। घायलों की हालत गंभीर लेकिन खतरे से बाहर है। मस्तूरी पुलिस का दावा है कि मारपीट करने वाले दूसरे पक्ष को भी गंभीर चोट पहुंची है। जिनका इलाज गुरूनानक चौक स्थित एक निजी अस्पताल में किया जरा है। आदिवासी परिवार ने पुलिस कप्तान से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

                                  9 और 10 दिसम्बर की दरमियानी रात्रि दर्री घाट में जमीन माफिया और आदिवासी परिवार के बीच खूनी संघर्ष हुआ है। घर अन्दर घुसकर जमीन माफिया के गुंडे  नौ दो ग्यारह हो गया। खूनी संघर्ष की वजह जमीन विवाद को बताया जा रहा है। फिलहाल घायल आदिवासी परिवार के सदस्यों का इलाज सिम्स में चल रहा है।

             सिम्स में भर्ती अमर सिंह ध्रुव ने बताया कि दर्रीघाट में उसका घर है। कुछ महीने पहले नीजि जमीन का कुछ हिस्सा एनएच में चली गयी। सरकार से जमीन और घर टूटने के एवज में मुआवाजा राशि भी दी। मैने मुआवजा मिलने के बाद बची जमीन के साथ लगी सरकारी जमीन पर घर बनवाया। जिस पर Screenshot_20171211-175720जमीन माफिया तारकेश्वर पाटले की भी नजर थी। क्योंकि सरकारी जमीन से लगी उसकी भी जमीन है। घर बनवाते समय तारकेश्वर पाटले ने कुछ नहीं कहा। कुछ महीने बाद घर तोड़ने को कहा। उसने कहा कि सरकार से मुआवजा मिल चुकी है। इसलिए जमीन खाली कर भाग जाए। उसने मारने पीटने की धमकी भी दी। मैने उसे बताया कि कुछ जमीन मेरी भी है। यदि वह कब्जा करना चालता है तो बची हुई जमीन की राशि दे। मैं जमीन खाली कर देता हूं। लेकिन उसने ऐसा करने से इंकार कर दिया। साथ उसने कई बार जान से मारने की धमकी भी। मैने मस्तूरी थाने तारकेश्वर के खिलाफ शिकायत भी की। लेकिन किसी प्रकार की पुलिस कार्रवाई नहीं हुई।

                      सिम्स में भर्ती अमर सिंह ध्रुव ने बताया कि 9 और 10 दिसम्बर की दरमियानी रात्रि तारकेश्वर पाटले के चार गुड़ों ने धावा बोल दिया। चारो के हाथ में तलवार,हाकी और धारदार हथियार थे। मेरे सिर पर तलवार चलाया। बेटे को भी जख्मी किया। महिलाओं पर भी हमला कर गंभीर रूप स घायल कर दिया। पुलिस की खबर मिलते ही चारों गुंडे फरार हो गये। लेकिन जल्दबाजी में गुंडों की एक मोटरसायकल छूट गयी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। बाद में परिवार के सदस्यों के साथ मुझे सिम्स में भर्ती कराया गया।

                                अमर सिंह के अनुसार यदि पुलिस समय पर शिकायत को गंभीरता से लेती तो हादसे को टाला जा सकता था।

सख्त कार्रवाई का आश्वासन

            आदिवासी नेता संतकुमार नेता संत कुमार नेताम के साथ पीडि़त परिवार के सदस्य और स्थानीय लोगों ने पुलिस कप्तान से लिखित शिकायत की है। पीड़ित परिवार और संतकुमार नेताम ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

दोनों पक्षों को लगी चोट

              मस्तूरी थाना प्रभारी मोहले ने बताया कि अमर सिंह की शिकायत को दर्ज कर लिया गया है। खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों को चोट आयी है। तारकेश्वर पाटले के आदमियों को कहीं ज्यादा चोट लगी है। जिनका इलाज गुरूनानक चौक स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। थाना प्रभारी मोहले के अनुसार अमर सिंह ने भी घातक हथियार से हमला किया है।

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