एमडी ने पेश किया स्मार्ट सिटी का खाका..नेता प्रतिपक्ष समेत,सांसद,अटल,केड़िया,विधायकों ने दिए सुझाव..कहा..नीयत समय पर पूरा करें काम

बिलासपुर—-एबीडी एरिया में बढ़ोत्तरी और प्राथमिकता के आधार पर कार्यों का चयन होगा। यह बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड एडवाइज़री फोरम बैठक में सदस्यों ने लिया है। बैठक में छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष, विधायक, महापौर समेत अन्य सदस्य शामिल हुए। सभी ने स्मार्ट सिटी विकास को लेकर जरूरी सुझाव भी दिए। साथ ही कार्यों को तेजी से अंजाम दिये जाने की भी बात कही। 
 
बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एडवाइज़री फोरम की पहली बैठक कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभागार में हुई। बैठक में स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान सदस्यों ने प्रमुख रूप से स्मार्ट सिटी के कार्य क्षेत्र एबीडी एरिया को बढ़ाने पर जोर दिया। प्रयास करने के सुझाव देने के साथ ही हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।  सदस्यों ने जोर किया कि योजना अंतर्गत किए जाने वाले कार्य समय सीमा के भीतर पूर्ण हो।
 
          साथ ही स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय किए जाएं। खासकर शहर में जिन कार्यों की आवश्यकता अधिक है उन्हें प्राथमिकता में लिया जाए।
 
एमडी ने सिलसिलेवार दी जानकारी
 
                      बैठक की शुरूआत में बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मैनेजिंग डारेक्टर अजय त्रिपाठी ने फोरम के सदस्यों को स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत चल रहें कार्यों और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। त्रिपाठी ने बताया कि स्मार्ट सिटी योजना में सुझाव एवं मार्गदर्शन के लिए राज्य शासन ने एडवाइज़री फोरम का गठन किया है। जिसमें बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र के विधायक,महापौर संभाग आयुक्त,रेंज पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों के अलावा समाजसेवियों को फोरम में  सम्मान दिया गया है।
 
फोरम के सदस्य हुए शामिल
 
               त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण बहुत दिनों से लंबित एडवाइज़री फोरम की पहली बैठक में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक,सांसद अरूण साव,छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव,महापौर रामशरण यादव,मस्तूरी विधायक डाॅ.कृष्णमूर्ति बांधी,बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, कलेक्टर डाॅ.सारांश मित्तर, पुलिस अधीक्षक दीपक झा,निगम कमिश्नर और एमडी स्मार्ट सिटी अजय त्रिपाठी, सीए मनोज शुक्ला, आर्किटेक्ट श्याम शुक्ला, नरेंद्र बोलर, उद्योग संघ अध्यक्ष हरीश केडिया, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता,शासकीय इंजीनियरिंग कालेज के प्राचार्य,छत्तीसगढ चेंबर आफ कामर्स के महामंत्री,आईएमए के अध्यक्ष समेत अन्य सदस्य विशेष रूप से शामिल हुए।
   
हर तीन माह में चाहिए बैठक–धरम लाल
 
                      छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सुझाव दिया कि एडवाइज़री फोरम की बैठक हर तीन माह में किया जाए। जिससे योजनाओं की जानकारी और उसके क्रियान्वयन में सुझाव को शामिल किया जा सकेगा। स्मार्ट सिटी के कार्यक्षेत्र में इजाफ़ा करने की आवश्यकता है। योजना अंतर्गत जो भी कार्य है उन्हें समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
 
              बैठक में सांसद अरूण साव ने कहा की शहर को स्मार्ट बनाने की ज़िम्मेदारी हम सबकी है। सभी को मिल जुलकर प्रयास करना होगा। सांसद साव ने कार्यों की प्रगति को तेज करने के सुझाव दिया। उन्होने भी तिमाही बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया।
 
अटल ने कहा फेल की संभावना
 
               राज्य पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने स्मार्ट सिटी को पूरे शहर में लागू करने की बात पर जोर दिया। इससे पूरे शहर में विकास कार्य होंगे।  श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि किसी भी योजना को शुरू करने के पूर्व जियोग्राफिकल सर्वे किया जाना ज़रूरी है। योजना के फेल होने की संभावना खत्म हो जाती है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के तहत ऐसी योजना बनाई जाए जिससे शहर के रिंग रोड को रेलवे स्टेशन तक जोड़ा जा सके। वर्तमान में शहर से स्टेशन पहुंचने का एक ही मार्ग है जो काफी नहीं है। अटल श्रीवास्तव ने शहर में सर्वसुविधायुक्त अधिक क्षमता वाला ऑडिटोरियम की ज़रूरत को सभी के समक्ष रखा। तालाबों में सौंदर्यीकरण का कार्य सोच समझकर करने के भी सुझाव दिए।  सौंदर्यीकरण से कुछ खास लाभ मिलता नहीं और कुछ समय बात चीजें टूट-फूट जाती है,उसकी अपेक्षा आवश्यकतानुसार किसी और कार्यो को प्राथमिकता के आधार पर करने का सुझाव दिया।
 
गंदे पानी को किया जाएगा ट्रीट
          
                              महापौर रामशरण यादव ने अरपा नदी में मिलने वाले शहर के गंदे पानी के लिए नदी से लगे पूरे शहरी क्षेत्र के लिए योजना बनाने के सुझाव रखें। मस्तूरी विधायक डाॅ.कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा की अगर योजना में संभव हो तो शहर समेत जिले में पानी के बहुत बड़े स्त्रोत  खूंटाघाट में सिल्ट को हटाने का कार्य किया जा सकता है। भविष्य में खूंटाघाट में अधिक पानी का संचय भी होगा और सफाई भी। इसके अलावा विधायक डाॅ.बांधी ने भी एबीडी एरिया को बढ़ाने का सुझाव दिया। विकास कार्यों में उपयोग होने वाले  निर्माण सामग्री की जांच शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज से कराने का भी सुझाव रखा।
 
जानवरों की व्यवस्था बहुत जरूरी..केडिया
 
                       बेलतरा विधायक रजनीश सिंह ने भी स्मार्ट सिटी क्षेत्र का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होने कहा कि सौंदर्यीकरण के बजाय वर्तमान में शहर में जिन कार्यों की अधिक आवश्यकता है उन कार्यों को पहले किया जाना चाहिए। उद्योग संघ के अध्यक्ष  हरीश केडिया ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के अवारा जानवरों के लिए भी विशेष योजना बनाने के सुझाव दिए। सीए मनोज शुक्ला ने निर्माण कार्यों की सतत मानिटरिंग के सुझाव दिए। आर्किटेक्ट श्याम शुक्ला ने योजना तैयार करते समय स्थानीय तकनीकी विशेषज्ञों के सलाह को शामिल करने का सुझाव दिया। साथ ही हरियाली और कार्यों के मेंटनेंस पर भी अपने सुझाव रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *