लाखों कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए अपडेट, पुरानी पेंशन योजना का ऐसे मिलेगा लाभ, चुन सकेंगे विकल्प, ये रहेंगे नियम

झारखंड के सरकारी कर्मचारियों पेंशनरों के लिए पुरानी पेंशन योजना पर ताजा अपडेट है। अब 1 सितंबर 2022 से राज्य सरकार के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा, इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणा के बाद अमल लाने पर काम शुरू हो गया है। एक दिसंबर 2004 से 31 अगस्त 2022 तक नई पेंशन योजना में नियुक्त कर्मियों द्वारा पुरानी पेंशन का विकल्प या नई पेंशन योजना में बने रहने के लिए विकल्प का चुनाव शपथ पत्र के माध्यम से करना होगा, इसके संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

बहाली के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी थी, इसके बाद एसओपी जारी कर दी गई थी। पुरानी पेंशन योजना को 1 अप्रैल 2004 को बंद कर दिया गया था। इसकी जगह पर केंद्र की राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को पेंशन के लिए शुरू किया गया। पुरानी पेंशन योजना के तहत जिन राज्य कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया अप्रैल 2004 से पहले की गई थी, लेकिन अगर उनका योगदान 1 दिसंबर 2004 के बाद किया जाता है, तो उन्हें अब पुरानी पेंशन योजना लेने का विकल्प मिलेगा। राज्य सरकार ने एक सितंबर की तिथि से इसे लागू करने का निर्णय लिया है।इसी तिथि से कर्मियों के वेतन में की जाने वाली कटौती बंद हो जायेगी।

ये रहेंगे नियम

  • राज्य सरकार द्वारा विकल्प के तौर पर कर्मचारियों के लिए अलग-अलग प्रारूप में शपथपत्र जारी भी किए गए।
  • पुरानी पेंशन योजना अथवा अंशदायी पेंशन योजना का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को इससे संबंधित आवेदन निर्धारित प्रारूप में 15 नवंबर तक दे देना होगा।
  • नवंबर महीने के वेतन का भुगतान GPS कटौती के बगैर नहीं होगी।
  • कर्मचारियों को लिखित रूप से शपथपत्र के माध्यम से बताना होगा कि वे OPS/NPS में से किसी एक में बने रहना चाहते हैं और SOP की शर्तें मान्य हैं।
  • कर्मचारियों को बताना होगा कि NSDL से सरकारी अंशदान एवं उस पर अर्जित ब्याज की राशि सीधे राज्य सरकार को नहीं मिलने की स्थिति में सरकारी अंशदान और उस पर अर्जित ब्याज की राशि का समायोजन मुझे प्राप्त होने वाले उपदान से समायोजित किया जाएगा।
  • NSDL में अंशदान से संबंधित कोई भी दावेदारी कर्मचारी नहीं कर पाएंगे।
  • कर्मचारी अगर अंशदायी पेंशन योजना को जारी रखना चाहेंगे तो उन्हें इसके लिए भी शपथपत्र के माध्यम से लिखित तौर पर वित्त विभाग को देना होगा।

पुरानी पेंशन और नई पेंशन में अंतर

OPS योजना में वेतन से कोई कटौती नहीं होती है। कर्मचारियों को जीपीएफ की सुविधा उपलब्ध है। यह एक पूरी तरह से सुरक्षित पेंशन योजना है। रिटायरमेंट के समय मूल वेतन के 50 फीसदी की गारंटी है। सेवा में मौत पर फैमिली पेंशन का लाभ मिलता है। वही NPS के तहत वेतन से 10 (बेसिक+डीए) की कटौती होती है। इस योजना के तहत GPF सुविधा नहीं है उपलब्ध यह पूरी तरह से शेयर बाजार आधारित योजना है।रिटायरमेंट के समय तय पेंशन की गारंटी नहीं सेवा में मौत पर फैमिली पेंशन का लाभ नहीं।

ऐसे करे सकेंगे आवेदन

  1. OPS का विकल्प चुनने वाले कर्मी Employee Portal में लॉगिन कर शपथ पत्र प्रारूप डाउन लोड कर शपथ पत्र तैयार कर पुन अपलोड करेंगे। इसकी मूल प्रति निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के समक्ष जमा करेंगे।PF संख्या आवंटन के लिए आवेदन एवं नॉमिनेशन फॉर्म को ऑनलाइन भरेंगे एवं उसका प्रिंटआउट निकाल कर स्वहस्ताक्षरित कर अपलोड करेंगे।
  2. NPS में बने रहने का विकल्प चुनने वाले कर्मी इम्प्लाय पोर्टल में लोगिन कर शपथ पत्र प्रारूप एनेक्सर-2 डाउनलोड करेंगे। इस विहित प्रारूप में शपथ पत्र तैयार कर पुन अपलोड करेंगे। तथा इसकी मूल प्रति निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/ बाह्य सेवा में प्रतिनियुक्त राज्य सरकार के कर्मी के मामले में PF निदेशालय के नोडल पदाधिकारी के समक्ष जमा करेंगे।

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