जिला व सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में माॅनिटरिंग सेल की बैठक सम्पन्न

रामानुजगंज(पृथ्वीलाल केशरी)जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी की अध्यक्षता में जिला मानिटरिंग सेल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न न्यायालयीन विषयों, न्याय पालिका, प्रशासन व पुलिस के मध्य संबंध तथा न्यायालय परिसर के विस्तार के बारे में चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, प्रथम अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश प्रफुल्ल सोनवानी, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मधुसुदन चन्द्राकर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अभिषेक गुप्ता उपस्थित थे। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका, प्रशासन व पुलिस के मध्य संवाद लोप नहीं होना चाहिए ताकि कानून व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे और न्यायपालिका व प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि विधि सर्वोपरि है तथा आमजनों को समय पर न्याय मिले, इसके लिए न्यायपालिका, प्रशासन व पुलिस को साथ मिलकर कार्य करना होगा।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने न्यायालयीन कार्यों, विधि के नियमों व प्रक्रिया को और अधिक स्पष्टता तथा सरलतम रूप से समझाने राजस्व अधिकारियों, पुलिस व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के लिए संयुक्त कार्यशाला आयोजित करने की बात कही। उन्होंने जिले में अत्याचार निवारण अधिनियम के विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए आगामी दिनों में बैठक आयोजित करने को कहा ताकि इन प्रकरणों के निराकरण में भी तेजी आये और प्रार्थी को वांछित लाभ मिले। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक से कहा कि आपराधिक प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही हो और पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराया जाये ताकि पीड़ित पक्ष को शीघ्र न्याय दिलाये जा सके। जिला एवं सत्र

न्यायालय के परिसर विस्तार हेतु भूमि का अवलोकन
जिला एवं सत्र न्यायालय में जनसुविधा को देखते हुए न्यायालय परिसर को विस्तार देने की आवश्यकता है ताकि परिसर व्यवस्थित हो और आमजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी आशय से जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक व राजस्व अमले के साथ भूमि का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर से लगे हुए विभिन्न विभागों के कार्यालयों को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया जाये तो इसे विस्तार दिया जा सकेगा। कलेक्टर ने विभागीय समन्वय के साथ उक्त कार्यालयों को अन्यत्र संचालित करने के लिए चर्चा उपरांत कार्यवाही करने की बात कही ताकि उचित सामाधान हो सके। साथ ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को रिकार्ड रूम के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये और जर्जर हो चुके भवनों के डिस्मंेटल के लिए कार्यवाही करने को कहा, साथ ही उन्होंने वाड्रफनगर, बलरामपुर व राजपुर के न्यायालय परिसर के लिए भूमि आरक्षित करने की भी बात कही ताकि वहां न्यायालय भवन तैयार हो सके। इसके पश्चात उन्होंने अधिकारियों के साथ किशोर न्याय बोर्ड के भवन का भी अवलोकन किया और परिसर की साफ-सफाई और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। किशोर न्याय बोर्ड के परिसर में उपलब्ध जमीन तथा भवन का उपयोग न्यायाधीशों के आवास के रूप में करने की बात कही। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता ध्यान रखने तथा समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये।

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