उम्मीद भरी ख़बरः बिलासपुर में महीने भर में बीस हज़ार से अधिक कोरोना मरीज़ ठीक हुए , 97 फ़ीसदी ने होमआइसोलेशन पर रहकर महामारी को हराया, वीडियो कॉलिंग से भी मिलती है मरीजों को डॉक्टरों की सलाह

बिलासपुर।कोरोना की दूसरी लहर का कहर शुरू होने के बाद से बिलासपुर जिले में अस्सी फीसदी मरीज़ों ने महामारी को हराया है। ख़ास बात यह है कि इनमें से 97 फ़ीसदी लोगों ने अपने ही घर पर होमआइसोलेशन में रहकर कोरोना को हराया है। होमआइसोलेशन के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. समीर तिवारी बताते हैं कि होमआइलोशन का तरीका कोरोना को हरानें में अधिक कारगर साबित हो रहा है। जिन्हे सरकंडा के कन्या स्कूल में बनाए गए कन्ट्रोल रूम से नियमित रूप से ऑडियो / वीडियो कॉलिंग के ज़रिए सलाह दी जा रही है। जो काफ़ी कारगर साबित हुई है।

जिले में अब तक कुल 53309 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं । जिनमें से 42198 लोग ठीक हो चुके हैं। इस तरह ठीक होने वालों लोगों का रिकवरी रेट 80% है। ठीक होने वाले लोगों में 41240 लोग घर पर ही होम आइसोलेशन में दवा लेकर स्वस्थ हुए हैं। वर्तमान में कुल 10203 एक्टिव मरीज हैं। जिनमें से 9886 होम आइसोलेशन में है और 317 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।

अधिकारिक रूप से मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर ज़िले में आज तक 42198 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं । जिनमें से 97 फ़ीसदी ने घर पर रहकर कोरोना को हराया है। घर पर अधिक स्वस्थ होने का प्रमुख कारण हाै कि परिवार की ताकत और तनाव मुक्त वातावरण बना रहता है। संक्रमण काल में राहत की बात है कि पिछले 1 अप्रैल से अब तक 20166 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं। कोरोना को हराने वालों मेें 97 फ़ीसदी यानी 19651 मरीज घर पर ही होम आइसोलेशन के इलाज के दम पर ही ठीक हुए हैं।

होम आइसोलेशन इलाज में सबसे कारगर साबित हो रही है। लोग अस्पतालों में भर्ती हुए बिना ही कोरोना संक्रमण को मात दे रहे हैं। जबकि अस्पतालों में ठीक होने वालों की संख्या 515 है। इस साल 1 अप्रैल से आज तक 29945 लोग कोरोना से प्रभावित हुए हैं। 29045 ने घर पर इलाज कराने का विकल्प चुना। इनमें ओम आइसोलेशन में जिंदगी की जंग हारने वालों की संख्या ना के बराबर है। होम आइसोलेशन के सहायक नोडल अधिकारी डॉ .समीर तिवारी का कहना है कि बिलासपुर में 2 अगस्त से होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि घर पर ठीक होने का सबसे बड़ा कारण है कि मरीज तनाव मुक्त रहता है। उसे अकेलापन बिल्कुल भी महसूस नहीं होता। हंसते- बोलते वह कोरोना को कब हरा देता है , उसे पता ही नहीं चलता ।दूसरा कारण यह है कि हमारी टीम लगातार मरीजों का मनोबल बढ़ाती रहती है। ताकि वे जल्द से जल्द ठीक और स्वस्थ हो सके। साथ ही उन्हें ऑक्सीजन लेवल मेंटेन करने के लिए प्रोनिंग का तरीका बताया जाता है। इनकी देखरेख में हमारे डॉक्टर सहित 150 स्वास्थ्य कर्मी जुटे हैं। आइसोलेशन के मरीजों को कुछ समस्या होती है तो आइसोलेशन के मोबाइल नंबर – 7477052129 पर संपर्क करते हैं और उन्हें डॉक्टरों की ओर से उचित सलाह देकर आवश्यकता होने पर अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। साथ ही उपलब्ध बिस्तर की जानकारी भी दी जाती है।

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