जब मां ने नहीं दिया बीसी का रूपया..महिला ने की बेटा और दामाद का अपहरण..अपहरणकर्ता ने की 50 हजार फिरौती की मांग.दो आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर—-बीसी यानि जुआ का रूपया वसूली को लेकर एक युवती अपने साथियों के साथ दो लोगों को घर के सामने से अपहरण कर लिया। लेकिन अपहरण किए गए युवकों की चतुराई और शिकायत के बाद पुलिस ने अपहरणकर्ता युवती और और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े जाने के बाद युवती  और उसके साथियों ने अपहरण और फिरौती की मांग को कबूल किया है।
 
        सिविल लाइन पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र स्थित पारिजात एक्सटेंशन में ऋषभ श्रीवास्तव अपने परिवार के साथ रहते है। परिवार में माँ सुनीता श्रीवास्तव और पत्नी है। ऋषभ पेशे से ठेकेदारी का काम करते हैं। पत्नी आईसीआईसीआई बैंक में कर्मचारी है। एक दिनपहले शाम लगभग 6 बजे ऋषभ घर मे अकेला था। मां अपने भाई के घर गयी थी। पत्नी बैंक में थी। यकायक एक लड़की लड़कों के साथ यी। और धड़धड़ाते घर में घुस गयी। घर की तलाशी के बाद सभी आरोपी बाहर निकले और ऋषभ के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया।
 
         लड़की और उसके साथी ने ऋषभ से माँ को बुलाने के लिए कहा। घबरा कर ऋषभ ने गंगानगर सेक्टर टू स्थित अपने जीजा आशुतोष कश्यप को फोन किया। जानकारी मिलने पर आशुतोष ऋषभ के घर पहुँचा। आशुतोष पेशे से प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता हैं। ऋषभ को मारपीट करते हुए युवक और युवती अपने साथ लेकर जा रहे थे। आशुतोष ने ऋषभ के अपहरण का विरोध किया। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने आशुतोष के साथ मारपीट करते हुए अपने साथ एक स्कूटी में जबरन बैठाया। साथ ही लड़की का एक साथी अपने साथ ऋषभ की स्कूटी को भी चलाते हुए ले गया।
 
अपहरण फिर फिरौती की मांग
                              
                            अपहरणकर्ताओं ने ऋषभ को कुछ दूर तक स्कूटी से ले गए। इसके बाद ग्रे रंग की एसयूवी में बैठाकर सरकण्डा थाना क्षेत्र स्थित लोयला स्कूल के पास एक आफिस पहुँचे। अपहरण कर्ताओं ने ऋषभ से स्टाम्प में दस्तखत कराया। दस्तखत लेने के बाद ऋषभ को पास स्थित एक खुले मैदान में लेकर गए। मौके से आरोपियों ने ऋषभ की मोबाईल से उसकी पत्नी प्रज्ञा श्रीवास्तव को फोन किया। फोन पर ऋषभ की पत्नी से 50 हजार रुपये नगद और चेक की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर आरोपियों ने ऋषभ को जान से मारने की धकमी दी।
 
भागने में कामयाब
 
          इसी बीच मौके पाकर आरोपियों की चंगुल से भागने में कामयाब हो गया।  भागते समय ऋषभ ने कार में रखी अपनी मोबाइल और स्कूटी की चाबी को भी अपने कब्जे में लिया। ऋषभ को भागता देख अपहरणकर्ताओं ने पीछा किाय। लेकिन बचते बचाते किसी तरह ऋषभ कोतवाली थाना पहुंचा। थाना पहुंचकर ऋषभ ने सारी स्थितियों को विस्तार से बताया। 
 
आपदा में अवसर का उपयोग
 
                ऋषभ के जीजा आशुतोष कश्यप को अपहरणकर्ताओं स्कूटी से सरकण्डा स्टेटबैंक के सामने स्थित एक नोटरी के दफ्तर लेकर गए। युवक दफ्तर के सामने पहुँचे ही थे कि मौके से गुजर रहे  ट्रेफिक एडिशनल एसपी रोहित बघेल को देखकर शोर मचाया। एडिशनल एसपी की गाड़ी रुकते ही युवक आशुतोष को छोड़ फरार हो गए। यहां भागने वाले युवकों में से एक युवक अपनी एवेंजर बाइक को भी छोड़ दिया। पता साजी के बाद जानकारी मिली कि बाइक किसी दिनेश घोरे की है।
 
अपहरण फिरौती का अपराध दर्ज
 
          अपहरण के बाद दोनो युवकों के परिजनों से अपहरण करने वाली युवती और युवक लगातार फोन कर रकम की मांग करते रहे। साथ ही युवक के घरवालों से युवक को छोड़ने की एवज में ब्लेंक चेक में साईन करके लाने की भी मांग की। अपहरण की खबर लगते ही युवक के परिजन थाने पहुँच गए और अपहरण की सूचना दी।
 
वीसी का रूपया बना फसाद

         अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस दोनों युवकों के परिजनों को साथ लेकर युवकों की तलाश करने लगी।  पुलिस टीम दोनो युवकों को कोतवाली और सरकण्डा थाना से लेकर सिविल लाईन थाना पहुँची। ऋषभ और उसकी माँ सुनीता श्रीवास्तव ने बताया कि निशा ठाकुर नाम की युवती पूर्व में उनके कालोनी में रहती थी। बीसी खेलने के दौरान दोनों में परिचय हुआ। निशा ठाकुर का 30 हजार रुपये का बीसी निकला था। सुनीता श्रीवास्तव के अनुसार 30 हजार मे से 17 हजार उसने निशा ठाकुर को दे दिए थे। परिवार में एक रिश्तेदार की गमी होने के चलते 13 हजार रुपये नही दे पाई थी। रूपया जल्द ही देने आश्वसन भी दिया था। बावजूद इसके निशा लगातार पैसो की मांग को लेकर धमकी दे रही थी।
 
महिला तखतपुर की रहने वाली
 
                   उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की घटना को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने घटनाक्रम की जानकारी के बाद चंद घण्टो में ही अपहरण को अंजाम देने वाली युवती निशा ठाकुर और सके एक साथी शुभेन्दु सिकदर को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार युवती तखतपुर की रहने वाली है। हाल फिलहवार वह उस्लापुर में रहती है।
 
दो गिरफ्तार, दो फरार
 
                 पुलिस ने ऋषभ की शिकायत पर चार नामजद आरोपी निशा ठाकुर,शुभेन्दु सिकदर, दिनेश घोरे, धर्मेन्द्र दास और अन्य के खिला्फ अपराध दर्ज किया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के हवाले कर जेल दाखिल कराया गया है। जबकि फरार दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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