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Mothers Day 2024- मां के प्रेम, त्याग और समर्पण को सेलिब्रेट करने का ही दिन है

Mothers Day 2024: मां और बच्चे का रिश्ता सबसे खास, सबसे अलग और सबसे प्यारा माना जाता है. कहते हैं यह वो रिश्ता है जो बाकी सभी रिश्तों (Mothers Day Wishes ) से बड़ा होता है और हर रिश्ते से नौ महीने पहले ही शुरू हो जाता है. मां के प्रेम, त्याग और समर्पण को सेलिब्रेट करने का ही दिन है

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मातृ दिवस. हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में मनाया जाता है. इस साल 12 मई, रविवार (Sunday) के दिन मदर्स डे मनाया जा रहा है. 50 से ज्यादा देशों में मदर्स डे मनाया जाता है. इस दिन को मनाने की की शुरूआत सन 1900 के शुरूआती सालों में अमेरिका से हुई थी.Mother’s Day 2024

एक अमेरिकी महिला एना जार्विस ने 1905 में अपनी मां की मृत्यु के बाद इस दिन को मनाने की शुरूआत की जिसके बाद वेस्ट वर्जिनिया में 1908 में इस दिन को औपचारिक तौर पर सेलिब्रेट किया जाने लगा.Mother’s Day 2024

मदर्स डे पर अपनी अपनी मां को खास महसूस करवाने के लिए आमतौर पर उन्हें उपहार वगैरह दिए जाते हैं. साथ ही, आप उन्हें यहां दिए मदर्स डे के मैसेजेस भी भेज सकते हैं. 

मदर्स डे के शुभकामना संदेश | Mothers Day Wishes 

मां के आंचल में पता नहीं क्या जादू है
कि उसमें छुपकर सारे दुख छू-मंतर हो जाते हैं. 

मां तेरा होना ही सबसे बड़ी खुशी है
और जो तू न हो तो सारी खुशियां अधूरी हैं!

ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते हैं
जहां में जिसका अंत नहीं उसे मां कहते हैं!

मां की दुआ वक्त को क्या,
नसीब भी बदल देती है!

मां के कदमों में है जन्नत
मां के पास है सुकून
मां है पास तो सब कुछ है
मां नहीं तो कुछ नहीं. 

मां से रिश्ता ऐसा होता है खास
वह दूर हो तो भी होती है पास
उसे है हमारे हर दुख की खबर
उसी के साए में गुजरे सारी उम्र.

कौन है वह जो यहां नहीं मिलता
सब कुछ मिल जाता है लेकिन मां नहीं मिलती
मां के जैसा है कोई कहां
मां सब कुछ है यहां. 

मां के बिना ज़िंदगी वीरान होती है, 
तन्हा सफर में हर राह सुनसान होती है,
ज़िंदगी में मां का होना ज़रूरी है, 
मां की दुआओं से ही हर मुश्किल आसान होती है.

मैंने कभी भगवान को नहीं देखा है,
लेकिन मुझे इतना यकीन हे की,
वो भी मेरी मां की तरह होगा. 

सबने बताया कि, आज मां का दिन है,
कौन बताएगा कि वो कौन सा दिन है, जो मां के बिन है. 

दवा न असर करें तो नजर उतारती है,
एक मां ही है जो कभी नहीं हार मानती है. 

मां के लिए मैं क्या लिखूं,
मां ने तो खुद मुझे लिखा है.उसके होंठो पर कभी बदुआ नहीं होती
बस एक मां जो कभी खफा नहीं होती.

                   

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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