MP :आधे-अधूरे संविलयन से खुश नहीं हैं अध्यापक ,24 दिसंबर को संघर्ष समिति की अहम् बैठक

भोपाल-मध्यप्रदेश मे नई सरकार बन गई है।नई सरकार के बाद एमपी मे अध्यापको की क्या रणनीति होगी इस पर विचार करने 24 दिसंबर को अध्यापक संघर्ष समिति की बैठक रखी गई है।अध्यापक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के स्टेट इंचार्ज हीरानंद नरवरिया ने बयान जारी कर कहा कि मध्यप्रदेश के अध्यापक शिवराज सरकार के आधे अधूरे संविलियन से खुश नही है। संविलियन में बहुत ही विसंगतियों की भरमार है। इस लिए  24 दिसम्बर को भोपाल में अध्यापकों संघर्ष समिति मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण बैठक रखी जा रही है।हीरानंद नरवरिया ने बताया कि मध्यप्रदेश में सरकार बदल जाने एवं  कमलनाथ  के मुख्यमंत्री बनने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। इन बदली हुई परिस्थितियों में किस तरह आगे बढ़ा जाए और मुद्दो पर एकराय क्या हो? इस महत्वपूर्ण प्रश्न पर विचार-विमर्श करने के लिए अध्यापक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण बैठक प्रान्तीय कार्यकारिणी के विचार विमर्श उपरांत “श्रीराम मंदिर परिसर” मे दोपहर 12•00 बजे से मेन रेल्वे स्टेशन के पास, मनोहर डेयरी के पीछे भोपाल मे रखी गई है।(cgwall.com के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे)
इस महत्वपूर्ण बैठक मे समान विचारधारा के अध्यापक संघ- शासकीय अध्यापक संघ मध्यप्रदेश, अध्यापक कांग्रेस मध्यप्रदेश, आजाद अध्यापक संघ (शिल्पी) मध्यप्रदेश, अधिकार मंच मध्यप्रदेश का प्रान्तीय नेतृत्व को आमंत्रित है जो केवल 1994 के नियमो के अधीन अध्यापको का शिक्षा विभाग मे संविलियन चाहता है। इसके अलावा अन्य संघो के अध्यापक हितैषी नेताओ को भी व्यक्तिगत आमंत्रित किया जा रहा है।

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 स्टेट इंचार्ज हीरानंद नरवरिया ने बताया कि इस बैठक मे विचार-विमर्श पश्चात   मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन से मुलाकात का प्रयास कर उन्हे माह जनवरी मे छिन्दवाडा मे संभावित अध्यापक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के सम्मेलन मे मुख्य आथित्य स्वीकार करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा और अध्यापको को दिए गये वचनो का स्मरण पत्र भी सौंपा जाएगा।अध्यापक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के संरक्षक वासुदेव शर्मा ने बताया कि समान विचारधारा वाले अध्यापक संघो से आग्रह है कि हम सब आगे की यात्रा मिल-जुलकर पूरी करने तथा अध्यापकों की लंबित मांगों के निराकरण के संबंध में 24 दिसंबर सोमवार को होने वाली बैठक में उपस्थित रहकर आगे कैसे बढ़ा जाए, इस हेतु अपने-अपने अमूल्य सुझाव और समाधान लेकर आए।
बाबुलाल मालवीय (प्रान्तीय संयोजक), रमेश पाटिल, सुरेश यादव,भारत भार्गव, फातिमा बानो (प्रान्तीय संयोजक महिला), रेणु सागर, अशोक झकवालिया, महेश भादे, ताराचंद भलावी, सतेन्द्र सिंह तिवारी, डी के त्रिपाठी, बालकृष्ण शुक्ला, राकेश गौतम, लीलाधर नागले,सतीश गोहते, मुकेश परमार, डैनी सूर्यवंशी, रामसिंह राजपुत एवं संघर्ष समिति प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य शामिल है।

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