MP की तरह छत्तीसगढ़ में भी बंद हो शालाकोष सिस्टम… संजय शर्मा ने कहा MP से सीख ले सरकार

बिलासपुर । मध्यप्रदेश में  शिक्षकों की स्कूलों  की हाजिरी के लिए शुरू किए जा रहे  ई-अटेंडेंस सिस्टम को स्थगित किए जाने की खबरों को लेकर छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा कर्मी संगठनों के बीच प्रतिक्रिया हुई है। संगठन की ओर से कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार को भी मध्यप्रदेश से सबक लेकर शालाकोष सिस्टम बंद करना चाहिए । साथ ही मध्यप्रदेश की तरह शिक्षा कर्मियों के संविलयन की घोषणा करना चाहिए।
  शिक्षक मोर्चा के  प्रांतीय  संचालक संजय शर्मा ने कहां कि मध्यप्रदेश में संविलियन की घोषणा हो सकती है ।  मध्यप्रदेश में आदेश निकलने की  सीमा तक हो सकती है  ।  मध्यप्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति के लिए  बायोमेट्रिक प्रणाली से जुड़ा हुआ एम शिक्षा मित्र एप रद्द हो सकता है…… स्थगित हो सकता है तो  छत्तीसगढ़ सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती है..?संजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में उपस्थिति की पुरानी व्यवस्था काफी  कारगर व्यवस्था थी । इस व्यवस्था में प्रधान पाठक और प्राचार्य का शिक्षकों पर एक दबाव रहता था ।
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अब यह दबाव खत्म हो गया है। अब दबाव में प्राचार्य और प्रधान पाठक है। बायोमेट्रिक शालाकोष की रखवाली की जवाबदारी इनकी ही है। बायोमेट्रिक प्रणाली आधिकारिक रूप से कब चालू हुई यह तो अफसर ही  बता सकते हैं।  बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद तनख्वाह  की जानकारी हाजरी रजिस्टर से ही ली जा रही है।
शालाकोष में बहुत सी तकनीकी – व्यावहारिक दिक्कतें हैं। उसके बावजूद  छत्तीसगढ़ के 1 लाख 80 हजार शिक्षक सरकार की दी  हुई बायोमेट्रिक मशीन को मुस्कुराते हुए ढो रहे हैं।  उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को मध्य प्रदेश सरकार से सीख लेनी चाहिए । मुख्यमंत्री  को अब शिक्षकों का सम्मेलन बुलाकर संविलियन की घोषणा करनी चाहिए और शाला कोष को बंद करना चाहिए।
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