मेरा बिलासपुर

न कर्मचारी…न अधिकारी…फिर भी आबकारी में दखल..2018 में 40 पेटी मध्यप्रदेश की शराब के साथ पकड़ाया था आरोपी

बिलासपुर—इन दिनों आबकारी विभाग में एक ऐसा चेहरा चर्चा का विषय है..जो ना तो कर्मचारी है..और ना ही अधिकारी । लोगों की माने तो वह मैनपॉवर प्लेसमेन्ट कम्पनी कैप्सटान का पदाधिकारी है। सच तो यह है कि आबकारी विभाग में अच्छी खासी दखल करने वाला व्यक्ति  प्लेसमेन्ट कम्पनी का भी कर्मचारी नहीं है। बताया जा रहा है कि रायपुर से किसी बड़े अधिकारी की सिफारिश पर बिलासपुर आबकारी विभाग के कमोबेश सभी  शराब दूकानों में व्यक्ति सीधा दखल रखता है। अलग बात है कि आबकारी सहायक आयुक्त सीधे तौर पर व्यक्ति को जानने से इंकार करते हैं। लेकिन उनकी जानकारी में है।

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 इन दिनों आबकारी के दूकानों में एक व्यक्ति की जमकर चर्चा है। व्यक्ति का आबकारी अधिकारी से सीधा मिलना जुलना भी है। नाम नहीं छापने की शर्त पर दूरानों में तैनात सेल्समैन और सुपरवाइजरों ने बताया कि व्यक्ति दूकानों से अवैध वसूली करता है। शिकायत के बाद भी व्यक्ति के खिलाफ आज तक कार्रवाई नहीं हुई है।

 नाम नहीं छापने की शर्त पर विभाग के लोगों ने  बताया कि तथाकथित व्यक्ति बड़े बड़े नेताओं के साथ खीचीं गयी अपनी फोटो..अधिकारियों को दिखाता है। व्हीआईपी के साथ फोटो देखने के बाद अधिकारी झांसे में आ जाते हैं। और व्यक्ति इसका जमकर फायदा उठा रहा है।

बताते चलें कि व्हीआईपी के साथ फोटो दिखाकर दूकानों से अवैध वसूली करने वाला व्यक्ति आबकारी विभाग का पुराना हिस्ट्रीशीटर है। जानकारी के अनुसार आबकारी की नई पालिसी आने से पहले व्यक्ति एक नामचीन शराब कम्पनी ग्रुप में नौकरी करता था। नई पालिसी आने के बाद आरोपी ने प्रदेश से लगे मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिले में दूकान हासिल कर लिया।

अधिक कमाई के चक्कर में व्यक्ति मध्यप्रदेश की शराब को छत्तीसगढ़ में खपाने लगा। साल 2018 में बिलासपुर आबकारी विभाग की टीम ने नेहरूनगर में छापामार कार्रवाई के दौरान व्यक्ति को  40 पेटी अवैध शराब के साथ धर दबोचा। आबकारी एक्ट के तहत आरोपी को जेल भेजा गया। जेल से छूटने के बाद नई सरकार के नेताओं से सम्पर्क किया। फिर फोटो वाला खेल कर अधिकारियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया।

सूत्र ने बताया कि हिस्ट्रीशिटर ने रायपुर में बैठे एक बड़े अधिकारी को पटाया। और बिलासपुर समेत कई अधिकारियों को फोन भी करवाया। इसके बाद प्लैसमेन्ट कम्पनी की आड़ में व्यक्ति ने दूकानों से अवैध वसूली का धंधा शुरू कर दिया। मजेदार बात है कि अब बिलासपुर के अधिकारी व्यक्ति को ना केवल जानने से इंकार कर रहे हैं…बल्कि परिचय नहीं होने की बात कर रहे हैं। यह जानते हुए भी कि तथाकथित व्यक्ति को अधकारी के चैम्बर से बाहर ना केवल इंतजार करते देखा गया है..बल्कि बन्द कमरे में मंत्रणा करते पाया गया है।

दूकानों से अवैध वसूली

एक सैल्समैन ने बताया कि जिले के सभी दूकानों से प्लेसमैन्ट कम्पनी और आबकारी विभाग के शह पर तथाकथित व्यक्ति एक एक सैल्समैन और सुपरवाइजर से हर महीने 2000 से 3000 रूपये की वसूली करता है। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी रौब झाड़ता है।

व्यक्ति की जानकारी नहीं

मामले में आबकारी विभाग के अधिकारी ने बताया कि ऐसे किसी व्यक्ति की उन्हें जानकारी नहीं है। प्लैसमेन्ट से भी हमें ऐसे व्यक्ति के बारे में नहीं बताया गया है। पता लगाएंगे..और पाये जाने पर कार्रवाई भी करेंगे। नाम नहीं छापने की शर्त पर सैल्समैन ने जानकारी दिया कि विभाग को इसकी जानकारी है..लेकिन रसूखदार के खिलाफ कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

क्या कहता है नियम

सरकार की नई पोलिसी के अनुसार प्लैसमेन्ट कम्पनी ऐसे किसी भी कर्मचारी की भर्ती नहीं करेगा जिसका अपराधिक रिकार्ड है। ऐसे में यदि तथाकथित व्यक्ति प्लैसमेन्ट कम्पनी के लिए काम करता है तो सरकार के नियम के खिलाफ है। सवाल उठता है कि आखिर तथाकथित हिस्ट्रीशीटर पर रायपुर के बड़े अधिकारी क्यों मेहरबान है। और बिलासपुर के आबकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की चुप्पी समझ से परे हैं।..अधिक जानकारी के लिए पढ़ते रहिए सीजी वॉल

                   

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