नए कलेक्टर सौरभ कुमार ने ली टीएल मीटिंग, कहा – अधिकारी टीम भावना से काम करें

बिलासपुर/जिले के नये कलेक्टर सौरभ कुमार ने आज समय सीमा की बैठक में राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं सहित विकास कार्यों की प्रगति के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करें। जनहित के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती जयश्री जैन, एडीएम श्री राम अघारी कुरूवंशी वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर श्री कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी टीम भावना के साथ काम करते हुए क्षेत्र की जनता को लाभान्वित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को पहुंचाने के लिए मैदानी कर्मचारी नियमित तौर पर निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करें। ग्रामीणों और किसानों को सहूलियत देना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सुपोषण अभियान आदि की विस्तार से समीक्षा की। गोधन न्याय योजना के तहत सभी सक्रिय गौठानों में गोबर खरीदी करने कहा।

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना लक्ष्य के अनुरूप शत् प्रतिशत आयोजित किया जा रहा है। जिले में जुलाई माह में 37 हाट बाजारों का आयोजन किया गया। इन हाट बाजारों में 2 हजार 48 मरीजों का उपचार किया गया। कलेक्टर ने जन चौपाल, जनदर्शन, लोक सेवा गारंटी के तहत प्राप्त आवेदनों की गहनता से समीक्षा की। आवेदनों का निराकरण पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में करने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर ने राजीव युवा मितान क्लब के गठन एवं नगरीय निकायों में कृष्ण कुंज के लिए स्थल चिन्हांकन के संबंध में जानकारी ली। खाद, बीज की उपलब्धता की भी कलेक्टर ने समीक्षा की। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की प्रगति की जानकारी लेते हुए अपूर्ण कार्य को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये।

राजस्व प्रकरणों का निराकरण तेजी से करें –
कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों, अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा, व्यपवर्तन, नक्शा-बंटाकन, डिजीटल हस्ताक्षर, खाता विभाजन आदि की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिये।

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