नया आदेश गले की फांस..शिक्षाकर्मियो में आक्रोश..बोले-जनपद से बचना कठिन

Editor
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बिलासपुर— पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश ने शिक्षाकर्मी वर्ग तीन की अतिशेष सूची को रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। वर्ग तीन के शिक्षाकर्मियों  में हड़कम्प है। जिला पंचायत ने तीनों वर्गों की अतिशेष सूची का प्रकाशन एक साथ किया था। नया आदेश के बाद जनपद पंचायत सीईओ वर्ग तीन के शिक्षकों की अतिशेष सूची को प्रकाशित करेंगे। शिक्षकों का पहले से ही आरोप था कि अतिशेष सूची बनाते समय जनप्रतिनिधियों ने लेन देन किया है। अब जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि भी बहती गंगा में साफ करेंगे।

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                                 26 अगस्त को एक आदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने शिक्षाकर्मी वर्ग तीन अतिशेष सूची का प्रकाशन जनपद पंचायत से जारी करने को कहा है। बिलासपुर में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आदेश के बाद परेशानी बढ़ गयी है। शिक्षकों में धमाचौकड़ी का माहौल है। पहले जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने बहती गंगा में हाथ साफ किया। अब जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि हाथ साफ करेंगे। दोनों ही सूरत में शिक्षकों को हलाल होना है।

                                  नाम नहीं छापने की शर्त पर जिला पंचायत के एक अधिकारी ने बताया कि फिछले तीन चार साल से सभीवर्गों की अतिशेष सूची जिला पंचायत से ही जारी होती थी। पुराने आदेश के अनुसार इस बार भी अतिशेष सूची का प्रकाशन जिला पंचायत से किया गया। शासन को इस प्रकार का आदेश निकालना ही था तो पिछले एक महीने की तैयारी के दौरान ही निकाल दिया होता। दरअसल परेशान करने के लिए नया आदेश जारी हुआ है। नया आदेश से शिक्षकों को परेशानी बढ़ेगी। पहले जिला पंचायत जनप्रतिनिधियों ने अनुमोदन के नाम पर लूटा अब जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों की बारी है। आने वाले समय में यह आदेश बहुत ही घातक साबित होने वाला है।

                 शिक्षकों में भारी नाराजगी है। यद्यपि कोई खुलकर नहीं बोल रहा है। शिक्षक जिला पंचायत पर आरोप लगाए जा रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ फारिहा आलम का कहना है कि पूर्व में जिला पंचायत से सूची प्रकाशन करने का आदेश था। नियम के अनुसार अतिशेष सूची का प्रकाशन किया गया। शासन ने नया आदेश दिया है कि वर्ग तीन अतिशेष सूची का प्रकाशन जनपद से किया जाएगा। ऐसी सूरत में वर्ग तीन की जिला पंचायत से जारी अतिशेष सूची निरस्त माना जाएगा। फिलहाल अभी जिला पंचायत से ऐसा आदेश नहीं है। आगे की कार्रवाई दो एक दिन में होगी। सारी प्रक्रिया अब जनपद पंचायत से होगी।

                                      एक शिक्षक ने नाम जाहिर नहीं करने की सूरत में बताया कि राज्य शासन ने गुरूजी लोगों को फुटबाल समझ लिया है। हर बार शिक्षकोंं पर ही शासन नए नियमों का प्रयोग करता है। पहले जिला पंचायत में माथा पच्ची हुई। बचते बचाते निकले तो जनपद पंचायत में फंस गए। जनपद पंचायत बहुत छोटा होता है। यहां जनप्रतिनिधिओं की एक एक शिक्षकों पर होती है। ऐसी सूरत में अब जनपद पचायत जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से बचना नामुमकिन है। शिक्षक ने बताया कि प्रक्रिया के पहले आदेश निकालना था। अब तो हम लोग बरबाद हो गए हैं।

नियम के अनुसार होगी कार्रवाई– फारिहा सिद्धिकी

             जिला पंचायत सीईओ फारिहा ने बताया कि शासन के आदेश का पालन किया जाएगा। यद्यपि अतिसेष सूची का प्रकाशन कर दिया गया था। लेकिन शासन ने आदेश दिया है कि वर्ग तीन की सूची जनपद पंचायत से प्रकाशित होगी। अब सारी प्रक्रिया जनपद से होगी। एक जनपद से दूसरे जनपद में स्थानांतरण के मामले में जिला पंचायत से एनओसी लिए जाने का आदेश है। इस पर अमल किया जाएगा।

पहले जिला पंचायत से ही होता था— उपाध्याय

             जिला शिक्षा अधिकारी हेमन्त उपाध्याय ने बताया कि नया आदेश आने के पहले तक जिला पंचायत से ही शासन के अादेश के अनुसार सभी सूचियों का प्रकाशन किया जाता था। अब वर्ग तीन की सूची का प्रकाशन जनपद पंचायत से किया जाएगा। नियमित शिक्षकों का स्थानांतरण जिला शिक्षा विभाग से होता है। कमोबेश उस प्रक्रिया का पालन आज भी हो रहा है। वर्ग तीन की अतिशेष सूची जनपद पंचायत से जारी होगी। आदेश के बाद प्रक्रिया कुछ लम्बी हो गयी है।

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