अपोलो में कोविड बेड बढ़ाने सोशल मीडिया पर बिलासपुर वासियों की बड़ी मुहिम,दो दशक में जीता ऐसा विश्वास कि विपदा के समय टिकी उम्मीदें….

बिलासपुर।कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए बिलासपुर शहर और छत्तीसगढ़ के लोगों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में कोविड- मरीजों के लिए बेड की संख्या 200 तक बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर बड़ी मुहिम शुरू की गई है। गुरुवार को शुरू हुई इस मुहिम में बड़ी तादाद में लोगों ने टि्वटर और फेसबुक के जरिए अपोलो मैनेजमेंट को मैसेज किया है कि समय की मांग को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।लोगों के द्वारा की ओर से सोशल मीडिया पर भेजे जाने जा रहे संदेश में कहा गया है कि अपोलो ग्रुप की ओर से पिछले दो दशक से खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ बिलासपुर इलाके में स्थापित अपोलो अस्पताल में जरूरतमंद लोगों का इलाज हो रहा है । इस अस्पताल की इमरजेंसी सेवा बहुत ही चुस्त-दुरुस्त है। हम यह बात आपके ध्यान में लाना चाहते हैं कि इस समय विश्वव्यापी कोरोना महामारी के दौर में तत्काल इलाज की सुविधा को लेकर इस अंचल के लोगों को अपोलो अस्पताल से बड़ी उम्मीदें हैं । बिलासपुर अपोलो 300 बिस्तरों का अस्पताल है । जिसमें से 75 बेड की सुविधा कोविड मरीज़ों के लिए दी गई है। जो कि भयंकर संक्रमण के समय में काफी नहीं है। रोजाना लोग बेडके लिए भटक रहे हैं और इलाज के अभाव में असमय मौत भी हो रही है ।

संदेश में आगे यह भी कहा गया है कि छत्तीसगढ़ और बिलासपुर अंचल के नागरिकों की आप से यही अपेक्षा है कि अपोलो बिलासपुर में कोविड-मरीज़ों के लिए कम से कम 200 बेड की व्यवस्था की जाए। आप इस बारे में हम से बेहतर जानते हैं कि अपोलो बिलासपुर में वर्तमान में जो सुविधाएं हैं ,उससे तत्काल ही यह व्यवस्था की जा सकती है। हम सब यही उम्मीद करते हैं कि विपदा की इस घड़ी में अपोलो संस्थान बिलासपुर अंचल के नागरिकों के साथ पूरी ताकत के साथ खड़ा रहे । मानवीय संवेदनाओं के साथ विचार करते हुए बेड की संख्या 200 करने के लिए तत्काल कदम उठाइएगा। समय तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है और हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

उत्तर छत्तीसगढ़ बिलासपुर इलाके की लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रहे भरोसेमंद संस्थान अपोलो में कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाने की जरूरत पिछले कई दिनों से महसूस की जा रही है। कोरोना की की दूसरी लहर का कहर शुरू होने के बाद से जिस तरह लोग बड़ी तादाद में संक्रमित हो रहे हैं और अस्पतालों में सुविधा युक्त बेड के लिए भटक रहे हैं । खासकर लोगों को वेंटिलेटर और ऑक्सीजन युक्त बेड नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से बिलासपुर शहर में कई प्रमुख लोगों को भी जान गवानी पड़ी है। जिनकी खबरें पहले भी आ चुकी है। इस समय भी कई लोग सुविधा युक्त बेड के लिए भटक रहे हैं और संपर्कों के बावजूद उन्हें बेड नहीं मिल पा रहा है।

बिलासपुर शहर के लोगों ने पहले भी बिलासपुर शहर की तरक्की और यहां की सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरकर मुहिम चलाई है। लेकिन कोरोना के दौर में इस तरह की मुहिम नामुमकिन भी है और अव्यावहारिक भी है। इसे देखते हुए ही सोशल मीडिया के जरिए अपोलो प्रबंधन और प्रशासन के सामने अपनी मांग रखने के लिए इस इलाके के लोगों ने सोशल मीडिया के मंच का इस्तेमाल किया है। लोगों को उम्मीद है कि अपोलो प्रबंधन मानवीयता के आधार पर इस बारे में विचार करेगा और जल्द ही इसे लेकर कोई फैसला सामने आएगा।

इस सिलसिले में एक खबर यह भी है कि बिलासपुर के जिला कलेक्टर ने गुरुवार को ही शहर के प्राइवेट अस्पतालों के प्रबंधकों / डॉक्टरों की बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने सभी से सुविधा अनुसार बेड की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया था। इस बैठक में अपोलो मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले 10 दिनों के भीतर अपोलो में 164 कोविड बेड की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। हालांकि अन्य गंभीर बीमार मरीजों के इलाज के लिए भी लोग अपोलो पर ही निर्भर हैं। इसे देखते हुए अपोलो अस्पताल में कोविड के अतिरिक्त अन्य मरीजों का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। वहां काम कर रहे दक्ष और काबिल डॉक्टरों की कुशलता का भी उपयोग अन्य तरह की बीमारियों से ग्रसित लोगों के इलाज़ लिए होना चाहिए। यदि इस पर विशेषज्ञों के बीच सोच विचार कर कोई बेहतर विकल्प निकाला जा सकता है तो इस ओर भी सोचा जाना चाहिए। इस तरह की उम्मीद इस इलाके के लोग अपोलो मैनेजमेंट और प्रशासन से कर रहे हैं।

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