सिंचाई विभाग में कितने अफसरों पर है दोहरा चार्ज …? विधानसभा में बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर मंत्री ने दिया जवाब

रायपुर।जल संसाधन विभाग में प्रभारी अधिकारी के रूप में चार मुख्य अभियंता, चार अधीक्षण अभियंता ,15 कार्यपालन अभियंता और 61 अनुविभागीय अधिकारी कार्यरत है। यह जानकारी कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने जानना चाहा कि प्रदेश में मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता /कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी के पद पर कितने प्रभारी अधिकारी कार्यरत है? पदवार संख्या बताएं? क्या जिन पदों पर प्रभारी अधिकारी पदस्थ किए गए हैं उन पदों पर नियमित अधिकारी उपलब्ध नहीं है?यदि है तो प्रभारी अधिकारियों के पदस्थ करने का औचित्य क्या है? क्या विभाग में नियमित अधीक्षण अभियंता को हटाकर उनके स्थान पर सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता को संविदा नियुक्ति देकर पदस्थ किया गया है? यदि हां तो क्यों? क्या कनिष्ठ अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों के ऊपर प्रभारी अधिकारी बनाकर पदस्थ किया गया है? यदि हां तो यह सामान्य प्रशासन के नियमों निर्देशों के विरुद्ध नहीं है?

जिसके जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि 2 अधीक्षण अभियंता प्रभारी मुख्य अभियंता पद के दोहरे प्रभाव और एक सहायक अभियंता प्रभारी कार्यपालन अभियंता पद के दोहरे प्रभार में है। 9 उप अभियंता प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी पद के दोहरे और 2 से अधिक पदों के प्रभार में है। मंत्री ने बताया कि मुख्य अभियंता के पदों पर नियमित अधिकारी उपलब्ध नहीं है। अन्य पदों पर नियमित अधिकारी उपलब्ध है परंतु प्रशासनिक दृष्टि लंबी सेवा अवधि तकनीकी अनुभव और जनप्रतिनिधियों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए नियमित पदस्थापना नहीं होने के फलस्वरूप प्रभारी अधिकारियों को पदस्थ किया गया है। लंबी सेवा अवधि तकनीकी अनुभव तथा प्रशासनिक दृष्टि से कनिष्ठ अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारी बना कर पदस्थ किया गया है जो सामान्य प्रशासन नियम के विरुद्ध नहीं हैं।

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