राजनीतिक दलों को ‘फर्जी’ चंदा देने पर 50 व्यवसायियों को आयकर विभाग ने भेजा नोटिस

Inodre Income Tax Raid: मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) में आयकर विभाग ने राजनीतिक पार्टियों को ‘फर्जी’ चंदा देने पर व्यवसायियों को नोटिस भेजा है. आयकर विभाग के कार्यालय ने रजिस्टर्ड गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) को डोनेशन पर कटौती का दावा करने वाले करीब 50 कारोबारियों को नोटिस जारी किया है. इस मामले से वाकिफ लोगों ने ये जानकारी दी.

इंदौर क्षेत्र के आयकर प्रमुख आयुक्त एसबी प्रसाद ने कहा कि  16 जिलों के 50 व्यवसायियों को नोटिस जारी किए गए थे. अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसाद ने कहा “धारा 80 जीजीसी और 80 जीजीबी  के तहत वित्तीय खुफिया इकाई से कर चोरी की सूचना प्राप्त करने के बाद, हमने 50 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया है.”

एफआईयू के पास है पूरी जानकारी

उन्होंने कहा,”हम इसमें शामिल राशि के बारे में कुछ नहीं कह सकते क्योंकि एफआईयू के पास इस संबंध में जानकारी है.” रिपोर्ट के मुताबिक, नाम न छापने की शर्त पर एक आयकर अधिकारी ने कहा कि वित्तीय खुफिया यूनिट को ऐसे मामले मिले जिसमें व्यवसायियों ने गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों को पैसा दान किया और कमीशन की कटौती के बाद पैसा वापस मिल गया.”

इंदौर में पिछले हफ्ते नोटिस जारी किये गए थे

बता दें कि इंदौर में नोटिस पिछले एक हफ्ते में जारी किए गए थे और चुनाव आयोग द्वारा गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लगातार संदेह के दायरे में रखा गया था कि ऐसे संगठन टैक्स और धन को लूटने के लिए इस्तेमाल किए गए थे. एक दूसरे कर अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर लोगों ने पिछले सप्ताह के दौरान पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी किए थे, जिन्होंने ऐसी गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों को 11 लाख से 20 लाख रुपये के बीच का दान दिया था.

व्यवसायी को दिए गए नोटिस में क्या कहा गया है

इंदौर के एक व्यवसायी को दिए गए नोटिस में कहा गया है, “विभाग के पास उपलब्ध विश्वसनीय जानकारी के अनुसार, आपने वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान धारा 80 जीजीसी / 80 जीजीबी के तहत 11 लाख रुपये (या अधिक) की फर्जी कटौती का दावा किया है. अखिल भारतीय सामाजिक शिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट, मानवाधिकार नेशनल पार्टी, किसान अधिकार पार्टी, भारतीय किसान पार्टी को भुगतान और उक्त आय (बैंकिंग चैनल के माध्यम से भुगतान) को नकद / वस्तु के रूप में वापस प्राप्त किया. इस संबंध में फैसिलिटेटर को कमीशन का भुगतान भी किया गया है.

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