जिले के LB संवर्ग के दो शिक्षकों का सेवानिवृत्ति पर पेंशन निर्धारण नही

बालोद- छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिलीप साहू, प्रदेश संगठन सचिव प्रदीप साहू, जिला संयोजक रामकिशोर खरांशु, बीरबल देशमुख, जिला उपाध्यक्ष शिव शांडिल्य, वीरेंद्र देवांगन, कामता प्रसाद साहू, संतोष देवांगन, जिला सचिव नरेंद्र साहू, जिला कोषाध्यक्ष पवन कुम्भकार, जिला मीडिया प्रभारी रघुनंदन गंगबोईर ने बताया कि जिले के गुरूर विकास खंड से शिक्षक एल बी संवर्ग के दो शिक्षकों का 24 वर्षों की अर्हकारी सेवा के बावजूद सेवानिवृत्ति उपरांत 6 माह व 3 माह के उपरांत भी पेंशन निर्धारण नही होने से अब बिना पेंशन गुजारा करने मजबूर है!

विदित हो कि विकास खंड गुरूर से 4 सितम्बर 1998 को शिक्षा कर्मी वर्ग-03 के पद नियुक्त सहायक शिक्षक हरिश्चन्द्र सिन्हा 62 वर्ष की अर्धवार्षिकी पूर्ण कर 30 मार्च 2022 को शासकीय प्राथमिक शाला आमापानी, विकास खंड गुरूर से सेवानिवृत्त हुए तथा वही 4 सितम्बर 1998 से शिक्षा कर्मी वर्ग 03 के पद पर नियुक्त शिक्षक रूपराम नागवंशी 30 जून 2022 को 62 वर्ष की अर्धवार्षिकी पूर्ण कर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चंदनबिरही, विकास खंड गुरूर से सेवानिवृत्त हुए!

परंतु लगभग 6 माह व 3 माह पश्चात भी नियमों के स्पष्टता के अभाव में दोनों शिक्षकों के पेंशन निर्धारण नही होने से 24 वर्षों की अर्हकारी सेवा के बावजूद वे दोनों बिना पेंशन

गुजारा करने मजबूर है!जिलाध्यक्ष दिलीप साहू ने बताया कि अप्रैल 2012 से नवीन अंशदायी पेंशन की कटौती के नियम पर मुख्यमंत्र के अप्रैल 2022 से पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा पर स्पष्ट दिशा निर्देश के अभाव में निर्धारण पर पेंच फंसा हुआ है जिससे कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है! जानकारी के अनुसार पेंशन हेतु प्रस्ताव विकास खंड कार्यालय से जिला कार्यालय व तत्पश्चात कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय भेजा गया है! पर अभी तक अधिकृत निर्देश के अभाव में निर्धारण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है!

वहीं एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ राजपत्र दिनांक 11 मई 2022 का हवाला देते हुए प्रथम नियुक्ति तिथि की गणना कर पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करने की मांग की है।पदाधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन लागू करने का साहसिक व ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसका कर्मचारियों ने स्वागत किया है !किंतु पुरानी पेंशन में आ रही विसंगति को प्रथम नियुक्ति तिथि से लागू कर शिक्षक संवर्ग को पूर्ण पेंशन का लाभ देने की मांग संगठन ने की है!
ज्ञात हो कि 11 मई 2022 को प्रकाशित राजपत्र में 1 नवंबर 2004 अथवा उसके पश्चात नियुक्त समस्त कर्मचारियों के लिए नवीन अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू किया गया है!

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 में संशोधन करते हुए दिनांक 01 नवंबर 2004 से भूतलक्षी प्रभाव से प्रवृत्त (आरंभ) करने का राजपत्र में प्रकाशन किया गया है! साथ ही 01 नवंबर 2004 के पश्चात सेवानिवृत्त / दिवंगत कर्मचारियों के प्रकरणों में भी पुरानी पेंशन योजना लागू करने का प्रावधान किया गया है।
वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिनांक 27 /10/2004 को नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू करने का आदेश जारी किया! वित्त विभाग की सहमति से छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग रायपुर द्वारा दिनांक 2/11 /2011 को जारी आदेश में शिक्षाकर्मियों के लिए 1 अप्रैल 2012 से अंशदयी पेंशन योजना लागू किया गया।
11 मई 2022 को जारी राजपत्र में भी लिखा गया है कि दिनांक 27 अक्टूबर 2004 द्वारा राज्य शासन के पेंशन योग्य स्थापना में दिनांक 1/11/ 2004 अथवा उसके पश्चात नियुक्त समस्त कर्मचारियों के लिए नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू की गई थी के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करते हैं तथा बिंदु क्रमांक 6 में लिखा है कि शासकीय सेवकों के अंशदान की जमा मूल राशि को छत्तीसगढ़ सामान्य भविष्य निधि खाते में अंतरित किया जाएगा!

इसका मतलब जिस दिन से शासकीय हुए उस दिन से जमा राशि से नहीं है बल्कि जिस दिन से एनपीएस कटौती हुई उस राशि को सीजीपीएफ खाते में अंतरित करने से है। वही राजपत्र के बिंदु क्रमांक 7 के अनुसार पुरानी पेंशन योजना के अनुरूप लाभ का निर्धारण करने पृथक से दिशा निर्देश जारी करना उल्लेखित है परंतु आज पर्यंत विभागीय स्पष्ट दिशा निर्देश के अभाव में निर्धारण पर स्थिति स्पष्ट नही होने से कर्मचारी बिना पेंशन के गुजारने मजबूर हैं!
पदाधिकारियों ने मांग किया कि प्रथम नियुक्ति तिथि 4/9/1998 से सेवानिवृत्त दिनांक 30 मार्च व 30 जून 2022 तक दोनों शिक्षकों की पेंशन योग्य सेवा (अर्हकारी सेवा) 24 वर्ष पूर्ण हो गया है अतः छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के अनुसार पेंशन निर्धारण व ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान किया जावे।

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