आज से शुरू हो रहे मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार, महंगाई-अग्निपथ समेत कई मुद्दों विपक्ष तैयार

संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है और ये 12 अगस्त तक चलेगा. इस बार के मानसून सत्र (Monoon Sesion) में कुल 18 बैठकें होंगी और 24 बिल पेश किए जाएंगे. मानसून सत्र से पहले रविवार 17 जुलाई को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक (All Party Meeting) में विपक्षी दलों ने क़रीब 25 मुद्दों पर सरकार से चर्चा की मांग की. सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी (PM MOdi) के शामिल नहीं होने पर कांग्रेस (Congress) ने निशाना साधा और कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh)ने इसे लेकर तंज कसा. 12 अगस्त तक चलने वाले संसद सत्र के दौरान राष्ट्रपति (Presidential Election) और उपराष्ट्रपति (Vice Presidential Election), दोनों अहम संवैधानिक पदों  के लिए चुनाव भी होने हैं.

रविवार को सर्वदलीय बैठक में 36 दलों के नेता शामिल हुए. इनमें बीजेपी, कांग्रेस, टीएमसी, एनसीपी, डीएमके, सपा, बसपा, आरजेडी और अन्य दलों के नेतागण शामिल हुए. इस बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष की ओर से 25 मुद्दों पर बहस की मांग हुई, जिनमें 13 मुद्दे उनकी पार्टी की तरफ़ से उठाए गए हैं. 

विपक्ष ने जिन मुद्दों पर बहस की मांग की है, उनमें सबसे प्रमुख रूप से महंगाई, अग्निपथ योजना, बेरीज़गारी, केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग और रुपये की गिरती क़ीमत के मद्देनज़र अर्थव्यवस्था की स्थिति जैसे मुद्दे शामिल हैं. 

इन बिलों पर होगी चर्चा, विपक्ष ने लगाया आरोप

राज्यसभा में विपक्ष के नेता, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि रकार ने कहा वो अग्निपथ समेत सभी मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है. वहीं संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में सरकार ने अपनी तरफ से बताया कि संसद में चर्चा के लिए 32 बिलों को सूचीबद्ध किया गया है जिनमें 14 तैयार हैं. इनमें The Multi State Cooperative Societies ( Amendment ) Bill 2022 , The Ancient Monuments & Archaeological Sites & Remains ( Amendment ) Bill , Central Universities ( Amendment ) Bill और Press & Registration of Periodicals Bill 2022, जैसे महत्वपूर्ण बिल शामिल हैं. विपक्षी दलों ने सरकार पर बिलों को जल्दबाज़ी में पारित करवाने का आरोप लगाया है.

सर्वदलीय बैठक चल ही रही थी कि कांग्रेस नेता और पार्टी के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने एक ट्वीट करके विवाद खड़ा कर दिया. जयराम रमेश ने बैठक में प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या यह असंसदीय नहीं है ?

बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रहद जोशी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए पूछा कि जब मनमोहन सिंह पीएम थे तो कितनी सर्वदलीय बैठकों में जाते थे जबकि पीएम मोदी कुछ मौक़ों को छोड़कर ज़्यादातर बैठकों में शामिल हुए हैं. संसद सत्र शुरू होने से पहले ही रविवार को संसदीय शब्दों के एक दिशा निर्देश और धरना प्रदर्शन से जुड़े एक नोटिस पर विवाद हो चुका है. जाहिर है कि संसद क मानसून सत्र में विपक्ष सरकार पर हमला करने का कोई मौका चूकने नहीं वाला है.

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