मेरा बिलासपुर

डीओ जारी करने के बाद भी धान उठाव नहीं करने वाले 44 मिलर्स को नोटिस जारी

धमतरी/ ज़िले में अब तक 64 हजार 535 याने 52% किसानों से 417 करोड़ रूपये के समर्थन मूल्य में दो लाख तीन हजार 721 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके विरुद्ध उन्हें 412.21 करोड़ रूपये का भुगतान भी बैंक खाते में किया गया है। चालू खरीफ विपणन वर्ष में 74 समितियों के 98 उपार्जन केंद्रों में कुल एक लाख 23 हजार 240 पंजीकृत किसानों से चार लाख 63 हजार 460 मीट्रिक टन अनुमानित धान उपार्जित किया जाना है।

कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने आज प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन द्वारा चालू खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की स्थिति की समीक्षा के दौरान उक्त जानकारी दी। उन्होंने एनआईसी कक्ष में दोपहर साढ़े तीन बजे से आहूत वीडियो कान्फ्रेंसिंग में आगे बताया कि जहां पिछले साल पंजीकृत किसानों की संख्या एक लाख 17 हजार 362 थी। उसमें इस साल आठ हजार 559 नए पंजीयन हुए हैं। इन नए किसानों का कुल रकबा 6307.68 हेक्टेयर है। इस तरह कुल पंजीकृत एक लाख 23 हजार 240 किसानों का कुल रकबा 1,27,733.88 हेक्टेयर है।

पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध
           समिति स्तर पर नए और पुराने बारदाने की व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बताया कि इस साल धान खरीदी के लिए 23 हजार 173 गठान बारदाने की जरूरत होगी। इसमें 50% नया जूट का बारदाने के 11 हजार 586 गठान और उतने ही मात्रा में पुराने जूट बारदानों के गठान की जरूरत होगी। इसके एवज में दो दिसंबर की स्थिति में नए बारदानों के 11 हजार 804 गठान मिले हैं। इसी तरह ज़िले में उपलब्ध पुराने बारदानों के 14 हजार 863 गठान, अन्य जिलों को प्रदाय एक हजार 993 गठान हैं, अर्थात ज़िले में पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध हैं। इसी क्रम में समिति स्तर पर धान की सुरक्षा और रख रखाव के लिए किए गए प्रयास के संबंध में कलेक्टर ने बताया कि 98 उपार्जन केंद्रों में 856 चबूतरे हैं। तारपोलिन 1100, कांटा-बांट 407, डेनेज 588, हमाल 1470 और कंप्यूटर, सीपीयू, इंटरनेट, जनरेटर आदि की पर्याप्त व्यवस्था है।

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कोचियों और बिचौलियों के विरुद्ध 16 प्रकरण दर्ज कर 179 मीट्रिक टन से अधिक धान जप्त

ज़िले में अवैध धान परिवहन और विक्रय पर निगाह रखने और कार्रवाई करने सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके फलस्वरूप राजस्व अमले द्वारा ज़िले में कोचियों बिचौलियों से 179.6 मीट्रिक टन अवैध धान जप्त किया गया है। साथ ही ऐसे कोचियों, बिचौलियों के विरुद्ध मंडी अधिनियम 1972 के तहत 16 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा अन्य राज्य से ज़िले में अवैध धान ना आए, इसके लिए पांच चेक पोस्ट बोराई, बनरौद, सांकरा, बांसपानी, सिंगपुर में बनाए गए हैं। यहां मंडी, सहकारिता, वन और पुलिस अमला की तैनाती की गई है।

डीओ जारी करने के बाद भी धान उठाव नहीं करने वाले 44 मिलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी

धमतरी जिले में ऐसे 44 मिलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिन्होंने धान उठाव के लिए जारी किए गए डीओ के दस दिनों के बाद भी उठाव नहीं किया। समिति स्तर से मिलर्स द्वारा कस्टम मिलिंग के लिए धान उठाव की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री एल्मा ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल जारी अनुमति 11 लाख 21 हजार 32 मीट्रिक टन धान के विरूद्ध 10 लाख 97 हजार 128 मीट्रिक टन धान का अनुबंध किया गया है। इसमें जिले में एक लाख 76 हजार 912 मीट्रिक टन धान उठाव के लिए डीओ (86%)जारी किया गया है। इसके विरूद्ध एक लाख 39 हजार 142 मीट्रिक टन (68%) धान का उठाव मिलर्स द्वारा किया गया है।

मिलर्स द्वारा अब तक जमा किया गया 16 हजार 47 मीट्रिक टन चावल

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धमतरी के 215 पंजीकृत मिलर्स की मासिक मिलिंग क्षमता दो लाख 25 हजार 484 मीट्रिक टन है। अभी भारतीय खाद्य निगम में मिलर्स द्वारा 14 हजार 598 मीट्रिक टन तथा नागरिक आपूर्ति निगम में एक हजार 449 मीट्रिक टन, इस तरह कुल 14 हजार 47 मीट्रिक टन चावल जमा किया गया है। मुख्य सचिव ने विशेष तौर पर कहा है कि धमतरी के मिलर्स धान उठाव के साथ ही चावल भी समय पर जारी करें, यह सुनिश्चित किया जाए, जिससे कि समय पर धमतरी सहित अन्य आठ जिलों से धान का उठाव खरीदी केन्द्रों से किया जा सके।

 दो नए उपार्जन केंद्रों में खरीदा गया एक हजार 522 मीट्रिक टन धान

ज़िले में इस साल दो नए उपार्जन केंद्र धमतरी के भटगांव और नगरी के करैहा में खोले गए हैं। किसानों से जहां भटगांव में 991 मीट्रिक टन और वहीं करैहा में 531 मीट्रिक टन धान की खरीदी अब तक कर ली गई है। आज की वीसी में खाद्य और संबद्ध विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

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