Old Pension-यहाँ भी लागू होगी पुरानी पेंशन योजना? बजट सत्र से पहले आया मंत्री का बड़ा बयान

भोपाल। मध्यप्रदेश (MP) में कल से बजट सत्र (Budget session) का शुभारंभ किया जाएगा। बजट सत्र शुरू होने के साथ ही साथ मध्यप्रदेश में एक बार फिर से पुरानी पेंशन योजना (old pension scheme) की मांग शुरू हो गई है। इसके लिए अधिकारी कर्मचारी (employees) लामबंद हो रहे हैं। वही पुरानी पेंशन योजना की मांग के बीच बड़ा सवाल ये है कि क्या मध्यप्रदेश में भी पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाएगा? बता दें कि इससे पहले राजस्थान सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया गया है। वहीं मध्यप्रदेश में भी पुरानी पेंशन योजना की मांग तेज हो गई। जिस पर अब सरकार के मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है।

9 मार्च को पेश होने वाले विधानसभा बजट से लोगों को काफी उम्मीद है। इसी बीच रतलाम पहुंचे प्रदेश नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री ओपीएस भदौरिया (OPS Bhadauria) ने बजट को लेकर बड़ा बयान दिया है दरअसल उन्होंने कहा कि विधानसभा बजट सत्र की तैयारी पूरी कर ली गई है यह विधानसभा नहीं बल्कि बजट सत्र है जिससे आम जनता को काफी उम्मीद है वहीं आम जनता की उम्मीद पर सरकार खरी उतरेगी।

इतना ही नहीं मंत्री ओपीएस भदौरिया ने कहा कि इस बजट में देश की वजह से दो बातें भी नहीं रहेगी इस बजट में महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष नवाचार किया जाएगा बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सहित अन्य कारकों के लिए बजट में प्रावधान देखने को मिलेगा साथ ही कर्मचारियों को लेकर भी सरकार बेहद संवेदनशील है वही 1 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 11% वृद्धि का लाभ दिया जा चुका है। साथी पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू हो इसके लिए भी सरकार द्वारा एक पैकेज तैयार किया जा रहा है बजट सत्र में इसकी झलक दिखेगी।

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वही मंत्री ओपीएस भदौरिया के इस बयान के बाद एक बात तो तय है कि पुरानी पेंशन योजना को लेकर सरकार द्वारा तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार बजट सत्र में पुरानी पेंशन योजना की मांग पर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। इसे एक तरफ जहां आम जनता में उम्मीद बढ़ गई है। वहीं बजट को लेकर कर्मचारी अधिकारी भी काफी उत्सुक हैं।वही आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो यदि मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू होती है तो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हर साल ₹4000 करोड़ रुपए से अतिरिक्त की बचत की जा सकेगी। साथ ही सरकार को हर महीने ₹334 करोड़ रुपए का फायदा मिल सकता है।

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