Oldest Temple of Lord Ganesha- भगवान गणेश के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में

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Oldest Temple of Lord Ganesha, Sakat Chauth 2024: आज देशभर में सकट चौथ का व्रत मनाया जा रहा है, मान्यता है कि आज के दिन पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. सकट चौथ के दिन भगवान गणेश जी की पूजा और व्रत करने का विधान है. हिन्दू धर्म में गणेश जी की पूजा का बहुत महत्व माना जाता है.

भगवान गणेश प्रसन्न होने पर भक्तों के सभी प्रकार के क्लेश और संकट को हर लेते हैं. भगवान गणेश को समर्पित सकट चौथ के त्योहार के शुभ अवसर पर हम आपको भगवान गणेश के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं. जहां पर हर मनोकामना पूरी होने की मान्यता है. आइए जानते हैं.Oldest Temple of Lord Ganesha

Oldest Temple of Lord Ganesha, Sakat Chauth 2024/सिद्धिविनायक मंदिर, भगवान गणेश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक माना जाता है. ये मंदिर महाराष्ट्र के मुंबई शहर में स्थित है. सिद्धिविनायक मंदिर का निर्माण 1801 में हुआ था. भगवान गणेश का यह मंदिर देश के साथ-साथ विदेशों में भी काफी प्रसिद्ध है. भगवान गणेश के दर्शन के लिए सिद्धिविनायक मंदिर में विदेशी भक्तों के साथ साथ नामचीन हस्तियों का भी आना जाना लगा रहता है. यह मंदिर भगवान गणेश के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है.Sankashti Chaturthi 2024

रणथंभौर गणेश मंदिर
ये मंदिर राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित है. इस मंदिर में भगवान गणेश त्रिनेत्र रूप में विराजमान है जिसमें तीसरा नेत्र ज्ञान का प्रतीक माना जाता है. देश के कोने कोने से लाखो भक्त यहां भगवान गणेश के त्रिनेत्र रूप के दर्शन करने और मनोकामना पूर्ति के लिए आते हैं. मान्यता है कि भगवान गणेश यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. पूरी दुनिया में भगवान गणेश का यह मंदिर ही एक अकेला ऐसा मंदिर है जहां भगवान गणेश अपने सम्पूर्ण परिवार, दो पत्नी ऋद्धि और सिद्धि और दो पुत्र शुभ और लाभ के साथ विराजमान हैं.Oldest Temple of Lord Ganesha

खजराना गणेश मंदिर
खजराना मंदिर मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित है. ये मंदिर इंदौर का प्रसिद्ध मंदिर है. इस मंदिर में लगभग दस हजार लोग प्रतिदिन भगवान गणेश के दर्शन के लिए आते हैं. मान्यता है यहां जो कोई भी भक्त अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए भगवान गणेश जी की मूर्ति की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाता है उसकी मनोकामना भगवान गणेश पूरी करते हैं. मनोकामना पूरी होने के बाद लोग दोबारा गणेश जी की पीठ पर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं.

चिंतामण गणेश मंदिर
चिंतामण गणेश मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन में भगवान गणेश का सबसे बड़ा मंदिर है. इस मंदिर में स्थापित गणेश प्रतिमा स्वयंभू मानी जाती है. पुराने समय में भगवान गणेश को चिंताहरण के नाम से जाना जाता था जिसका अर्थ है सभी प्रकार की चिंता को दूर करने वाला. यहां दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है. दूर-दूर से भक्त यहां अपनी चिंता के समाधान के लिए आते हैं.

डोडा गणपति मंदिर
डोडा गणपति मंदिर कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थित है. यह मंदिर दक्षिण भारत के सबसे अद्भुत मंदिरों में से एक है. डोडा का अर्थ होता है बड़ा. अपने नाम के अनुरूप ही इस मंदिर में गणेश जी की 18 फीट ऊंची और 16 फिट चौड़ी विशाल प्रतिमा है.Oldest Temple of Lord Ganesha

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