ओम नर्सिंग होम सील…निगम के चाबुक से …सिम्स डॉक्टरों में दहशत..कमिश्नर ने बताया…अवैध निर्माण पर होगा एक्शन

BHASKAR MISHRA
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बिलासपुर—निगम की टीम ने अरपा पार सरकंडा में कार्रवाई कर सिम्स समेत जिला अस्पताल में पदस्थ डाक्टरों को सोच में डाल दिया है। सरकन्डा स्थित ओम नर्सिंग होम को सील कर चिकित्सकों में निगम ने हलचल मचा दिया है। जानकारी के अनुसार शहर में किसी भी अनियमित निर्माण और पार्किंग के बगैर चलने वाले नर्सिंग होम को निगम ने पहचान कर लिया है।  निगम जल्द ही ऐसे नर्सिंग होम पर बुलडोजर कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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निगम प्रशासन ने मंगलवार को अभियान चलाकर नियम विरूद्ध  निर्माण और बिना पार्किंग वाले नर्सिंग होम के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। निगम कमिश्नर के आदेश पर सरकन्डा अशोकनगर चौक स्थित ओम नर्सिंग होम को सील कर दिया है। बताया जा रहा है कि ओम नर्सिंग होम  निर्माण में एक्ट का पालन नहीं कियाा है। अनियमित निर्माण को लेकर संचलक को नोटिस भेजा गया था। बावजूद इसके नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। निगम टीम ने मेडिकल टीम के साथ विधिवत कार्रवाई कर नर्सिंग होम को सील कर दिया है।

ओम नर्सिंग होम सील

निगम कमिश्नर कुणाल दुदावत ने बताया कि सरकंडा अशोक नगर चौक स्थित ओम नर्सिंग होम का निर्माण नियम के खिलाफ किया गया है। जबकि निगम ने आवासीय नक्शा जारी किया है लेकिन नर्सिंग होम का संचालन कर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। संचालक ने बिना अनुमति अतिरिक्त निर्माण किया है। नियमानुसार नर्सिंग होम में पार्किंग का होना बहुत जरूरी है। बावजूद इसके पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते फूटपाथ का  अतिक्रमण कर स्थायी रूप से जनरेटर रखा गया गया है। शिकायत पर डाक्टरों की टीम के साथ जांच पड़ताल के बाद निगम ने नोटिस जारी किया। संचालक की तरफ से पेश किए गए दस्तावेज में अनियमित निर्माण होना पाया गया। इसके बाद कार्रवाई कर नर्सिंग होम को सील किया गया है।

सिम्स डॉक्टरों में हलचल

जानकारी देते चलें कि सिम्स में आधा दर्जन से अधिक ऐसे चिकित्सक हैं…जिनका अपना निजी नर्सिंग होम है। नर्सिंग होम का संचालन सिम्स में पदस्थ डॉक्टर ही करता है। कई डॉक्टर तो अपने नर्सिंग होम का संचालन अपने बेटे रिश्तेदारों और पत्नी के नाम से करते हैं। सिम्स में चेहरा दिखाने के बाद डाक्टर अपने दुकािन में दिन रात मरीजों की सेवा करते हैं।

सरकार से वेतन..क्लिनिक में सेवा

       सूत्रों की माने तो निजी नर्सिंग होम संचालित करने वाले सिम्स और जिला अस्पताल के डाक्टर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों इलाज के लिए अपने नर्सिंग होम के लिए रिफर करते है। इतना ही नहीं..सिम्स पहुंचने वाले मरीजों का सारा टेस्ट अपने पैथोलैब में कराते हैं। और जमकर लूटते भी हैं। निगम प्रशासन को जानकारी मिली है सरकारी डाक्टरों का नर्सिंग होम और पैथोलैब का निर्माण नर्सिंग होम एक्ट के खिलाफ किया गया है। कई नर्सिंग होम ऐसे भी है जिनका नक्शा आवासीय है। लेकिन नर्सिंग होम या पैथोलैब का  कामर्शियल संचालन किया जा रहा है।  बताया जा रहा है कि जल्द ही निगम का बुलडोजर ऐसे पैथोेलैब और नर्सिंग होम पर चलने वाला है।

अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई…कमिश्नर

कार्रवाई को लेकर निगम कमिश्नर कुणाल दुदावत ने बताया कि शासन और कलेक्टर के निर्देश पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हमने शहर के सभी नर्सिंग होम का निरीक्षण किया है। जहां भी नर्सिंग एक्ट के खिलाफ कुछ पाया गया…संचालकों को नोटिस भेजकर दस्तावेज के साथ जवाब पेश करने को कहा गया है। इसके अलावा अन्य अतिक्रमण या अवैध निर्माण करने वाले संस्थानों को भी नोटिस भेजा गया है। नियम के  खिलाफ किए गए किसी भी निर्माण को नहीं छोड़ा जाएगा। सील बंद से लेकर जरूरत पड़ी तो तोड़फोड़ की भी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

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