जिला पंचायत सभापति की खुली चुनौती..रेत का अवैध उत्खनन बन्द करें.अन्यथा होगा उग्र आंदोलन

बिलासपुर—- जिला पंचायत सदस्य मीनू सुमन्त यादव ने कलेक्टर कार्यालय से अरपा नदी स्थित अवैध घाट से रेत उत्खनन को लेकर चिंता जाहिर की है। मीनू ने लिखित शिकायत कर बताया कि लगातार प्रयास के बाद भी रेत माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसी सूरत में जहां अरपा को बचाने की मुहिम पर विपरीत असर दिखाई पड़ रहा है। वहीं पर्यावरण को लगातार खतरा भी बढ़ता जा रहा है। बावजूद इसके रेत माफियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

                  मीनू सुमन्त यादव ने लिखित में जिला प्रशासन को बताया कि निरतु और तुरकाडीह जनपद पंचायत का महत्वपूर्ण और जागरूक गांव है। दोनो ही गांव के अवैध रेत घाट से दादागिरी के साथ रोजाना 200से 300 हाइव रेत अवैध घाट से निकाला जा रहा है। इससे अरपा का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। मामले में कई बार मौखिक शिकायत जनप्रतिनिधि होने के नाते की..ग्रामीणों ने भी कई पर विरोध किया। बावजूद इसके ठोस कार्रवाई नहीं होने से रेत माफियों का मंसूबा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

                    मीनू यादव ने बताया कि लगातार अवैध उत्खनन से अरपा में जगह जगह चालिस से पचास फिट मौत का कुंआ तैयार हो गया है। निश्चित रूप से यह चिंता का विषय है। ऐसी सूरत में एक तरफ अरपा को बचाने को लेकर गहरी चिंता जाहिर की जा रही है। और दूसरी तरफ ना जाने किसके संरक्षण में धड़ल्ले से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इसके चलते क्षेत्र की जनता में आक्रोश दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। यदि लिखित शिकायत को भी गंभीरता से नहीं लिया गया। और रेत के निरतु, तुरकाडीह में अवैध रेत उत्खनन को लगाम नहीं लगाया गया तो उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 

            मीनू ने बताया कि हम सभी लोग जानते हैं कि करोड़ों रूपयों से तैयार तुरकाडीह पुल में आयी खामियों की मुख्य वजह रेत का अवैध उत्खनन ही है। बावजूद इसके रेत माफियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होना समझ से परे है।

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