CGWALL सर्वे-पैरेंट्स चाहते है छत्तीसगढ़ मे खुलने चाहिए स्कूल,शर्त रखी-50 फीसदी बच्चे ही आए और पहले टेस्ट ले,पढ़िये और क्या चाहते है पैरेंट्स

Shri Mi
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बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में हैं।CGWALL के सर्वे में सामने आया कि 56% अभिभावक चाहते हैं कि स्कूल खुल जाए लेकिन इसके लिए माता-पिता ने कई तरह की शर्तें भी लगाई है. करीब 35 सौ से अधिक पाठको ने सीजीवाल के सर्वे में जो जवाब दिए हैं। उससे यह स्पष्ट है कि ऑनलाइन के बजाय अब ऑफलाइन पढ़ाई करवाना चाहते हैं। इस सर्वे में पुरुषों ने अधिक हिस्सा लिया है ,महज 24% महिलाएं थी तो वही 76% पुरुष शामिल हुए।सर्वे में पाठकों से सवाल किया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल खोलने जा रही है। इसके जवाब में 56% पाठकों ने कहा कि अब तो स्कूल खुलने चाहिए। वहीं 26% का कहना था कि पहले टीकाकरण हो उसके बाद स्कूल लगाया जाए। वहीं 10.9% ने कहा कि सिर्फ बड़ी कक्षाएं ही लगनी चाहिए। साथ ही 7.1% ऐसे भी पाठक के थे जिनका कहना था कि अभी स्कूल नहीं खुलने चाहिए.

सीजीवाल ने पाठकों से सवाल किया कि अगर स्कूल खुलते हैं तो शिक्षा विभाग की SOP में क्या गाइडलाइंस होनी चाहिए।जिसपर 47.2% पाठकों ने कहा कि हर क्लास से 50% स्टूडेंट बुलाया जाए। 46.5% ने कहा कि उचित दूरी पर बैठाना चाहिए। वहीं 28.5% का कहना था कि सभी शिक्षकों का का टीकाकरण हो।महज 18.4% का कहना था कि 1 दिन छोड़कर एक दिन ऑफलाइन क्लास हो ,शेष ऑनलाइन।

इस सर्वे में हिस्सा लेने वाले सर्वाधिक पाठकों ने कहा कि स्कूल सभी कक्षाओं की लगनी चाहिए। ऐसे पाठकों की संख्या 38.1% रही।वहीं 36.1% ने कहा कि केवल कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के क्लास खोलें। 14.7% का कहना था कि पहली से बारहवीं तक की क्लास लगनी चाहिए।11 प्रतिशत पाठको ने कहा कि कक्षा छठवी से बारहवी तक के क्लास खुलने चाहिए।

सर्वे में 34.7% पाठक चाहते हैं कि बच्चे को स्कूल पहुंचने के साथ ही उनका टेस्ट लिया जाए। ताकि पता चले कि उसका स्तर क्या है। वही 29.9% पाठक चाहते हैं कि जिस क्लास में प्रमोट होकर आया है उसी की पढ़ाई कराई जाए।19.2 फीसद पाठकों का कहना है कि स्कूल शुरू होने के साथ ही खेलकूद गतिविधियां हो ताकि बच्चों का फिर से मन लगे। वही 16.2% पाठक यह भी चाहते हैं कि पिछली क्लास की पढ़ाई भी साथ में होनी चाहिए ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।

एक अन्य सवाल पर 51.3 लोगों का कहना है कि केवल 30% तक की ऑनलाइन कक्षाएं कारगर है। हमने पाठकों से यह सवाल किया था कि ऑनलाइन क्लासेस कितनी कारगर है? तो 51.3 प्रतिशत का कहना है कि केवल 30प्रतिशत तक ऑनलाइन क्लास कारगर है। 32.3% पाठकों ने कहा कि कहा नहीं जा सकता। वहीं 10.7% का कहना था कि 31 से 60% तक और 5.7% पाठकों ने कहा कि 61 से 90% तक ऑनलाइन कक्षाएं कारगर है।

:सवाल-जवाब:
सवाल : छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल खोलने जा रही है। आपका क्या विचार है?

A- नहीं खुलने चाहिए (7.1%)

B- अब तो खुलने चाहिए (56%)

C- सिर्फ बड़ी क्लासेज खुलनी चाहिए (10.9%)

D- पहले वैक्सीन, फिर स्कूल (26%)

सवाल : छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल खोलने के लिए SOP जारी करेगी। आपके विचार से क्या शर्त होनी चाहिए।

A- हर क्लास में पचास प्रतिशत स्टूडेंट्स आएं (47.2%)

B- एक दिन ऑनलाइन, एक दिन ऑफलाइन (18.4%)

C- सभी टीचर्स वैक्सीनेटेड हो (28.5%)

D- उचित दूरी पर बैठाना होगा (46.5%)

सवाल : अभी कौन सी क्लास खोलें?

A- केवल 9वीं से 12वीं (36.1%)

B- केवल छठीं से 12वीं (11%)

C- पहली से बारहवीं (14.7%)

D- सभी कक्षाए (38.1%)

सवाल : स्कूल खुलते ही सबसे पहले क्या करना चाहिए?

A- खेलकूद गतिविधियां हो ताकि छोटे बच्चे वापस जुड़ें (19.2%)

B- पिछली क्लास की पढ़ाई हो (16.2%)

C- एक टेस्ट लेकर देखें स्टूडेंट का स्तर क्या है (34.7%)

D- जिस क्लास में प्रमोट होकर आया है, उसी की पढ़ाई हो (29.9%)

(ये परिणाम तीन हजार चार सौ संतान्वे पाठकों पर हुए सर्वे के आधार पर दिया गया है। खबर लिखे जाने तक गूगल फीड बेक फार्म मिल रहे हैं।)

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