बिलासपुर में ड्रग का संगठित अपराध…फार्मासिस्टों का आरोप…मिलीभगत से हो रहा करोड़ों का खेल

IMG20171112135257बिलासपुर— छत्तीसगढ़ यूथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने प्रशासन से पांच बिन्दुओं पर जवाब मांगा है। पत्रकार वार्ता में पदाधिकारियों ने सवाल किया है कि वैभव शास्त्री की गिऱफ्तारी का आधार क्या है…। जिला पुलिस को बताना होगा। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने प्रशासन से प्रमुख विन्दुओ पर सवाल किया है। साथ ही रैली निकालकर प्रदर्शन का एलान भी किया है।

                 छत्तीसगढ़ यूथ फार्मासिस्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने आज प्रेस वार्ता लेकर वैभव शास्त्री के खिलाफ लगाई गयी धाराओं को तत्काल खत्म करने की मांग की है। इसके अलावा चार बिन्दुओं पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। एसोसिएशन के पदाधिकारी राहुल वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ में संगठित ड्रग अपराध हो रहा है। अपराध में औषधी नियंत्रक फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी और ड्रग माफियों की संयुक्त भागीदारी है।

                     प्रेस वार्ता के दौरान राहुल वर्मा और विनय कुमार भारती ने बताया कि वैभव शास्त्री और अजीत सिंह की शिकायत पर बिलासपुर की कुछ मेडिकल दुकानों को सील कर दिया गया। दूसरे दिन बिना किसी कार्रवाई के सील की गयी दुकानों को खोल दिया गया। दुबारा शिकायत करने पहुंचे वैभव शास्त्री को पुलिस ने जेल भेज दिया। इससे जाहिर होता है कि बिलासपुर में ड्रग माफिया कितने मजबूत हैं।

                                                                                दोनो पदाधिकारियों ने बताया कि ड्रग इंंस्पेक्टर पीयूष जायसवाल और सोनम जैन ने जिला प्रशासन को गफलत में रखा। सील की गयी मेडिकल दुकानों को दुसरे दिन बिना किसी कार्रवाई के खोल दिया। इससे जाहिर होता है कि जिला प्रशासन ने केवल दिखावें के लिए ही मेडिकल दुकानों में छापामार कार्रवाई की थी।

                               पत्रकार पत्रकार वार्ता में राहुल और विनय कुमार ने कहा कि ड्रग एवं कास्मेटिक एक्ट के तहत… दवा भण्डारण वितरण और मरीजों की कांउसिलिंग की जवाबदेही केवल रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट को है। गैर फार्मासिस्ट ना तो दवा का भण्डारण कर सकते हैं और ना ही वितरण या डिस्पेंसिगं।  यदि कोई गैर फार्मासिस्ट ऐसा करत पाया जाता है तो नियमानुसार उसे छःमहीने की सजा और एक हजार का जुर्माना हो सकता है। गलत शपथ पत्र देने पर आईपीसी की धारा 420 के तहत सात साल की सजा हो सकती है। लेकिन बिलासपुर में आज तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है। जबकि यहां 90 प्रतिशत मेडिकल दुकान गलत तरीके से संचालित हो रही हैं। बावजूद इसके सील की गयी दुकानों को 24 घंटे के अन्दर बिना कार्रवाई के खोल दिया जाता है।

                                                         पत्रवार्ता में राहुल के अनुसार अपोलो फार्मेसी बिलासपुर प्रबंधन ने दवा व्यापारियों के दबाव में छत्तीसगढ यूथ फार्मासिस्ट पदाधिकारी के खिलाफ थाने में झूठी शिकायत की है। अपोलो फार्मेसी ने कोतवाली थाने में बताया है कि संगठन सचिव ने फर्जी डीआई बनकर दुकान का निरीक्षण किया है। अवैध उगाही के लिए दबाव बनाया है। जबकि लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

                        राहुल, विनय कुमार और एसोसिएशन के फार्मासिस्ट सदस्यों ने कहा कि हम लोग पांच सूत्रीय मांग को लेकर संभागायुक्त से मुलाकात करेंगे। मामले में जानकारी देंगे के बिलासपुर में ड्रग माफिया प्रशासन की मिली भगत से अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इसके पहले छत्तीसगढ फार्मासिस्ट एसोसिएशन रैली निकालकर विऱोध प्रदर्शन भी करेगा।

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