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चीनी मास्टरमाइंड के इशारे पर साइबर ठगी, बिटकॉइन में चीन भेजते थे पैसा, नौकरी का लालच दे बनाते थे शिकार

कानपुर।कानपुर पुलिस की अपराध शाखा ने निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले तीन शातिरों को धर दबोचा। गिरोह का मास्टरमाइंड चीन का है, जो अपने देश में बैठकर भारतीयों को चपत लगा रहा है। अब तक यह गिरोह देश में 100 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका है। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने शिव कालोनी गुरुग्राम निवासी यश यादव, सिद्धार्थनगर के श्रवण यादव और बबेरू बांदा के अनुपम द्विवेदी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपी चीनी ठग बी बोज के गिरोह के हैं। गिरोह से जुड़े शातिर देशभर में फैले हैं। 

निवेश के नाम पर रकम लेते थे, क्रैश करवा देते थे वेबसाइट
कमिश्नर के मुताबिक बोज चीन से ही कमोडिटी एक्सचेंज की वेबसाइट बनाता है। इसका एक्सेस अपने गिरोह के लोगों को दे देता है। ये लोगों को ई-मेल व अन्य सोशल मीडिया के जरिये संपर्क कर निवेश करने का लालच देते हैं। जब बड़ी रकम निवेश हो जाती है तो वेबसाइट को क्रैश करवा देते हैं। यह खेल दो वर्षों से चल रहा था। 

बिटकॉइन में चीन भेजते थे पैसा
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि श्रवण इंग्लिश से स्नातक पास है। उसका मुख्य काम इंडियन करेंसी को बिटकॉइन में एक्सचेंज कर बी बोज को रकम भेजना था। इसके पास दर्जनों बैंक खातों का एक्सेस मिला है। इसी तरह यश का काम एक शहर से दूसरे शहर को सिम भेजना और एकत्र करना था। साथ ही फर्जी खाते खुलवाकर एटीएम कार्ड भी पहुंचता था। अनुपम के जरिये कम से कम दो सौ लोग जुड़े हुए हैं। बी बोज उसके सीधे संपर्क में है। 

नौकरी का लालच देकर बनाते थे शिकार 

जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि चीन में बैठा ठग नौकरी संबंधी वेबसाइट से भारतीयों का डाटा जुटाते हैं। उनको ई-मेल के जरिये संपर्क कर नौकरी देने की बात करते हैं। उसके बाद कमोडिटी की वेबसाइट बनाकर ठगी शुरू करते हैं। इन लोगों को लगता है कि वह चीनी कंपनी के लिए नौकरी कर रहे हैं। यश व श्रवण के साथ ऐसा ही हुआ है। जब मोटी रकम मिलने लगी तो उसके लालच में आ गए और उसके लिए काम करने लगे।

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ऐसे खुला ठगी का नेटवर्क
12 जून को सिविल लाइंस निवासी फैज रहमान ने एक केस दर्ज कराया था। बताया था कि उन्होंने एक वेबसाइट के जरिये कंपनी में निवेश किया। 11 लाख रुपये निवेश होने के बाद से वेबसाइट का पता नहीं चला। जब क्राइम ब्रांच ने जांच की तो पता चला कि निवेश के नाम पर ठगी हुई है। पिछले महीने पुलिस ने विकास, विक्रम, महावीर सिंह व नितिन सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आगे की तफ्तीश में अब तीन और सदस्य धरे गए। 

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